फेल छात्र करें दो दिनों में अप्लाई, गड़बड़ी नहीं तो हो जाएंगे पास

पटना: BSEB की ओर से जारी किए गए 12वीं के रिजल्ट के बाद बुधवार को इंटर काउंसिल के कार्यालय के बाहर फेल छात्रों द्वारा किए गए विरोध-प्रदर्शन और उनपर हुए लाठी चार्ज ने राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी ला दी है. राज्यभर में शिक्षा मंत्री और बोर्ड अध्यक्ष के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री ने दोनों को तलब किया है.

उसके बाद शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने खराब रिजल्ट वाले केंद्रों और शिक्षकों पर कार्रवाई की बात कही है. वहीं छात्रों के लिए राहत भरी बात यह कही कि जिन छात्रों का रिजल्ट खराब है वे दो दिनों के अंदर आॅनलाइन अप्लाई कर सकते हैं. अगर गड़बड़ी नहीं रही तो एक माह के अंदर उनका रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक रिजल्ट पर मचे बवाल को लेकर नीतीश कुमार काफी खफा हैं. नीतीश कुमार ने अधिकारियों और शिक्षा मंत्री के साथ एक घंटे तक बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया है.

बैठक खत्म होने के बाद शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार ने पिछली बार परीक्षा में कदाचार को देखते हुए इस बार फैसला लिया था कि हर हाल में परीक्षा को कदाचार मुक्त किया जायेगा.  उन्होंने कहा कि एक से ज्यादा विषय में फेल वाले भी कंपाटमेंटल की परीक्षा दे सकते हैं.


दोपहर छात्रों ने किया था विरोध प्रदर्शन
सैकड़ों की संख्या में परीक्षा में फेल हुए छात्रों ने इंटर काउंसिल के कार्यालय के बाहर दोपहर में विरोध प्रदर्शन किया. जिस वजह से घंटों तक BSEB कार्यालय रणक्षेत्र में तब्दील रहा. छात्र इतने आक्रोशित हो गए कि पुलिस से ही भिड़ गए.

छात्रों को कंट्रोल में लाने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. छात्रों को खदेड़-खदेड़कर पीटा गया. जमकर लाठियां चटकाई गई. घटना के बाद कई छात्र घायल हो गए हैं. आठ छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं.

पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर छात्रों को पीटा है. पुलिस ने आस-पास की दुकानों में खड़े छात्रों पर भी जमकर लाठियां बरसायी हैं. इंटर काउंसिल कार्यालय के पास प्रदर्शन कर रहे आक्रोशित छात्रों ने नगर निगम के कचड़ा डिब्बा को भी नहीं बख्शा. जो सामने दिखा उखाड़ फेंका. बताया जा रहा है छात्रों की ओर से पत्थर भी फेंके गये.

पुलिस ने कई छात्रों को हिरासत में लिया है. छात्रों का आरोप है कि इंटर काउंसिल ने जान-बूझकर उनके रिजल्ट में गड़बड़ी की है. सौ से दो सौ की संख्या में छात्र इंटर के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी को लेकर काउंसिल के गेट पर पहुंचे थे. वे हंगामा मचा रहे थे. छात्र शिक्षा मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए, दोबारा परीक्षा लेने की मांग कर रहे थे.

छात्रों का आरोप है कि कहीं कहीं तो थ्योरी में एक नंबर दिया गया है. ऐसा कहीं होता है क्या? छात्र काफी गुस्से में नजर आए. सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल रहा. उधर दूसरी ओर 12वीं की रिजल्ट के बाद कैमूर में एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली.

 

बताया जा रहा है कि जिले के रामगढ़ के लबेदहा गांव की घटना है जहां रिजल्ट निकलने के बाद छात्रा ने खुदकुशी कर ली. जबकि भोजपुर जिले की रहने वाली एक युवती ने इंटर में फेल होने पर ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी. इंटर काउंसिल के पास भारी संख्या में अभिभावक भी पहुंचे. आरोप है कि छात्रों की कॉपियों की सही तरीके से जांची नहीं गयी. बता दें कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मंगलवार को रिजल्ट जारी किया गया. इसमें 12 लाख परीक्षार्थियों में से 8 लाख परीक्षार्थियों को अनुतीर्ण बताया गया है.

आर्ट्स से कुल कुल 5,39,915 परीक्षार्थी एपीयर हुए थे. इसमें से सफल परीक्षार्थियों की संख्या 1,98,250 जबकि फेल परीक्षार्थियों की संख्या 3,30,338 है. आर्ट्स के नतीजों में किशनगंज जिला 63.46 प्रतिशत रिजल्ट के साथ अव्वल रहा है, जबकि वैशाली महज 11.61 प्रतिशत के साथ पीछे है. साइंस में कुल 6,46,231 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इसमें से 1,94,592 परीक्षार्थी सफल हुए हैं.

फेल परीक्षार्थियों की संख्या- 4,49,280 है. साइंस के नतीजों में पटना से सबसे ज्यादा 65.43 परीक्षार्थी सफल हुए हैं जबकि सबसे कम बच्चे 12.91 फीसदी वैशाली से पास हुए हैं. वाणिज्य की स्थिति भी कुछ ऐसी ही है, इसमें कुल 60,022 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. इनमें से सफल परीक्षार्थियों की संख्या 44,273 जबकि असफल परीक्षार्थियों की संख्या 15,004 है.

नतीजों में टॉपर पटना रहा है जहां के 92.14 फीसदी बच्चे पास हुए हैं जबकि सबसे कम बच्चे शिवहर से पास हुए हैं. इस जिले से इंटर कॉमर्स का रिजल्ट 46 फीसदी रहा है.