पारस ग्लोबल हॉस्पिटल में हेल्थ टॉक, सजगता ही बरसाती बीमारी से बचाव

लाइव सिटीज डेस्क: पारस ग्लोबल हॉस्पिटल, दरभंगा परिसर में हेल्थ टॉक का आयोजन गुरुवार को किया गया. इसमें बरसात में होने वाली गंभीर बीमारियों,लक्षण और उपचार से संबंधित जानकारी प्रदान की गई. हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसीन के डॉ. एके गुप्ता और डॉ. अजय कुमार लाल दास ने बरसात में होने वाली बीमारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला.


डॉ. गुप्ता ने बताया कि बरसात में सबसे ज्यादा लोग पेट से संबंधित बीमारियों से परेशान रहते हैं. जिसमें हैजा, कॉलरा, पीलिया के अलावा टायफायड बुखार, वायरल बुखार, डेंगू, चिकेनगुनिया, मलेरिया, सर्दी-खांसी, सांस की तकलीफ, पीलिया प्रमुख है. ग्रामीण क्षेत्रों में सांप के काटने की घटनाएं भी खूब होती हैं. उन्होंने कहा कि बरसात में खाना खाने से पहले साबून से हाथ धोने से संक्रमण का खतरा बहुत हद तक टल जाता है.

इसके अलावा इस मौसम में पानी जनित बीमारी भी खूब होती हैं, इसलिए साफ और स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करना चाहिए या मिनरल वाटर को प्रयोग में लाए. वहीं उन्होंने बताया कि डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए आवश्यक है कि रात में सोते वक्त मच्छरदानी का उपयोग करें. बरसात में मछली खाने से भी लोगों को परहेज करना चाहिए. डॉ. गुप्ता ने सांस संबंधित बीमारियों पर भी रोशनी डालते हुए कहा कि सांस में तकलीफ वालों को मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए. भीड़-भाड़ और धुआं से बचना चाहिए.

बारिश में निकलने से पहले लगाए सरसों तेल
वहीं, डॉ. लाल दास ने कहा कि बरसात में चर्म रोग की समस्या से बड़ी संख्या में लोग परेशान रहते हैं. इसलिए बारिश में बाहर निकलते वक्त फूल शू या ऐसे जूते का इस्तेमाल करें जिससे पैर पानी में न भींग पाए. नहीं तो पानी में निकलने से पहले पैरों में नारियल या सरसों का तेल लगाकर बाहर निकले.

साथ ही जोर दिया की ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बरसात के दिनों में फर्श पर न सोएं. कार्यक्रम में हॉस्पिटल के कर्मचारी, मेडिकल स्टाफ के साथ ही करीब 200 लोग इस टॉक में शामिल हुए.