बिहार के इस जिले में सामान की तरह बिक रहे बच्चे, हर महीने लगती है बोली

लाइव सिटीज डेस्कः बिहार का कोसी इलाका. ये इलाका मानव तस्करी का गढ़ बन चुका है. यहां महज पांच से दस हजार में बच्चों की खरीद फरोख्त होती है. मानों बाजार में कोई सामान बिक रहा हो. यहां से बच्चों को खरीदकर दलाल बड़े शहरों में काम कराने ले जाते हैं. यहां तकरीबन हर महीने बच्चों की बोली लगती है.

आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि बिहार का क इलाका ऐसा भी है. जहां मात्र पांच से दस हजार रुपये में बच्चे बिक जाते हैं. यहां सक्रिय बाल तस्कर जिन बच्चों को खरीदते हैं उन्हे मैट्रो सिटीज में बैठे बड़े दलालों को बेच देते हैं. और फिर शुरू होता है बच्चों की सप्लाई का धंधा. यह बच्चे होटलों में, बड़े घरों में और मिलों में मजदूरों की तरह से काम करते हैं. कोसी का मधेपुरा का इलाका इस मामले में सबसे सक्रिय माना जा रहा है.

ऐसे शुरू होता है ये खेल

तस्कर बच्चों के लिए गरीब और हालात से मजबूर परिजनों को लालच देते हैं. जी हां.. मोटी रकम की लालच. और गरीबी की वजह से परिजन बच्चों को दलालों के साथ भेज देते हैं. ऐसे में कई बच्चे गायब भी हो जाते हैं. पिछले एक साल में ऐसे दो दर्जन बच्चों के गायब होने की सूचना पुलिस को मिल चुकी हैं.

जानकारी के मुताबिक दिल्ली और पंजाब में सबसे अधिक बाल मजदूरों की डिमांड है. कम पैसों में इन बच्चों से अधिक काम करवाया जाता है. बच्चों को ले जाते समय दलाल उनके परिजनों को पांच से 10 हजार रुपये देते हैं. हर माह रुपये भेजने का आश्वासन भी दिया जाता है. आर्थिक तंगी की वजह से परिजन भी अपने कम उम्र के बच्चों को भेजने के लिए राजी हो जाते हैं. ये घर की कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला देकर अपने बच्चों को किसी तरह बाहर जाकर काम करने के लिए मना ही लेते हैं.

फैला है बड़ा नेटवर्क

कोसी के ग्रामीण क्षेत्रों में गुपचुप तरीके से ठेकेदारों का यह गैंग लंबे समय से काम कर रहा है. इनकी जान-पहचान हर गांव में है. बच्चों के सुरक्षित रहने की पूरी गारंटी ठेकेदारों द्वारा परिजन को दी जाती. जिले के आलमनगर, उदाकिशुगंज, ग्वालपाड़ा, घैलाढ़ सहित कई प्रखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में इनका जाल फैला है.

अभी हाल ही में खबर आई थी कि सहरसा रेलवे स्टेशन से बच्चों को पंजाब ले जा रहे एक गिरोह को पकड़ा गया. उसके बाद गिरोह के सदस्यों से कड़ी पूछताछ की गई थी. इनमें मधेपुरा के भी कुछ बच्चे थे. बच्चों ने बताया कि उन्हें दलाल काम कराने बाहर ले जा रहे हैं.

मधेपुर जिला एसपी का बयान

बच्चों की तस्करी मामले में मधेपुरा जिले के एसपी विकास कुमार बताते हैं कि बच्चों को काम कराने के लिए बाहर ले जाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस समय-समय पर कार्रवाई करती रही है. इस तरह के किसी गिरोह के यहां सक्रिय होने की सूचना नहीं है. पुलिस सक्रिय रूप से काम कर रही है.

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