आवश्यकता से आविष्कार : बिहार के बेटे ने माता-पिता को दी ‘अलार्म’ की सौगात

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लाइव सिटीज डेस्क : सच ही कहा गया है कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है. कुछ ऐसा ही किया है बिहार के पूर्णिया के लाल ने. उसके घर में भैंस की चोरी हो गयी, जिससे उसके माता-पिता परेशान रहने लगे. तब उन्होंने ऐसा अलार्म बनाया, जिससे भैंस की चोरी रोकी जा सकी. हाल ही में जापान से लौटने वाले ​पूर्णिया के इस बेटे ने कहा, इससे अब किसी के माता-पिता परेशान नहीं होंगे.

जी हां, हम बात कर रहे हैं पूर्णिया के संथाली छात्र राजेश हांसदा की. अभी जहां पूरा बिहार इंटरमीडिएट के रिजल्ट को लेकर परेशान है. आर्ट्स और साइंस में लगभग 65 परसेंट स्टूडेंट्स फेल कर गये है. ऐसे में इंटर साइंस का छात्र राजेश हांसदा पूरे बिहार के लिए मिसाल है. वे अपने इस आविष्कार को लेकर ​अपने​ जिले ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार में इन दिनों में चर्चा में हैं. खासकर ग्रामीणों क्षेत्रों में उसका यह अलार्म पसंद किया जा रहा है.

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राजेश हासंदा फिलहाल पूर्णिया के एमएल आर्या काॅलेज में पढ़ता है. वह अपने पैरेंट्स के साथ कैथाडोभ में रहता है. एक दिन उसके घर में भैंस की चोरी हो गयी. एक दिन उसके घर से किसी ने भैंस चुरा ली. इससे उसके पैरेंट्स परेशान रहने लगे. गरीबी के कारण वे दोबारा खरीद नहीं पा रहे थे. इसके बाद देखा कि कभी इस गांव तो कभी उस गांव में भैंस चोरी की घटनाएं हो रही हैं. इससे उसके मन में आया कि क्यों नहीं कोई ऐसी मशीन बनायी जाये, जिससे भैंस चोरी की घटना रुक जाये. उनकी तरह किसी के माता-पिता दुखी न हों. तब उन्होंने इस अलार्म को तैयार किया.

छात्र राजेश हांसदा ने बताया कि यह ऐसा उपकरण है, जिसमें सुरक्षा रस्सी लगी होती है. इसकी यह विशेषता है कि अगर इस रस्सी से बंधे पशु को कोई खोलता है, तो उसके मालिक के घर में अलार्म बजने लगता है और इसका मैसेज उसके मोबाइल पर भी पहुंच जाता है. उसके इस मॉडल को इंस्पायर अवार्ड के तहत जिला, स्टेट लेवल का ही नहीं, बल्कि नेशनल लेवल पर भी सम्मानित किया गया. बकौल राजेश, यह उपकरण मात्र 150 रुपये में तैयार हो जाता है. यह ऐसा उपकरण है जो भैंस की चोरी होने की स्थिति में अलार्म की तरह बजने लगता है.

खास बात यह है कि इस इन्वेशन के लिए सकूरा एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत राजेश 28 मई से दो जून तक जापान की यात्रा पर गया था. उसकी टीम में बिहार से मात्र दो छात्रों का चयन किया गया था. बता दें कि उसका जापान जाने का सेलेक्शन वर्ष 2016 में भी हुआ था, लेकिन पासपोर्ट तैयार नहीं होने के ​कारण वह जापान नहीं जा सका था. जापान के नगोया और टोकियो शहर में उसके इस उपकरण को दिखाया गया.

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