मगध यूनिवर्सिटी ने 64 कॉलेजों की संबद्धता रद्द की, पटना व नालंदा के कॉलेज भी शामिल

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प्रतीकात्मक फोटो

लाइव सिटीज टीम: ‘डिग्री माफियाओं’ के खिलाफ एक प्रमुख आॅपरेशन के तौर पर मगध विश्वविद्यालय प्रशासन ने कठोर कदम उठाए हैं. इसी कड़ी में 64 संबद्ध कॉलेजों का राज्य सरकार से संबंद्धता की अनुमति नहीं मिलने पर मविवि ने इन सभी कॉलेजों की संबद्धता रद्द कर दी. उक्त जानकारी विवि के कुलपति प्रो. कमर अहसन ने एक प्रेसवार्ता में दी.

उन्होंने बताया कि इनमें गया, पटना, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा, जहानाबाद व अरवल जिले के कॉलेज शामिल हैं. ऐसे कॉलेजों का स्थल निरीक्षण व भौतिक सत्यापन कर गलत ढंग से संबंद्धता देने वाले विवि के अधिकारियों व कर्मियों के विरुद्ध जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. चाहे वे पूर्व अधिकारी हों या फिर वर्तमान.

कुलपति ने कहा कि गलत करने वालों की पहचान करने के लिए जांच टीम का गठित की जाएगी. इन कॉलेजों में नामांकित व विवि से पंजीकृत छात्रों के परीक्षा फॉर्म संबद्धता प्राप्त किसी अन्य निकटस्थ कॉलेजों से अग्रसारित होने के बाद स्वीकार किया जाएगा. जिन कॉलेजों के संबंद्धता का मामला राज्य सरकार के पास विचाराधीन है वैसे कॉलेजों के नाम को रद्द कॉलेजों की सूची में शामिल नहीं किया गया है.

उन्होंने कहा कि मविवि से संबद्धता प्राप्त कॉलेजों की संख्या 125 थी जिसमें से 64 की संबद्धता रद्द कर दी गई है. शेष 61 संबद्ध कॉलेज मविवि के अधीन हैं. संबद्धता रद्द की गई कॉलेजों की सूची शीघ्र ही विवि के वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी. संबद्धता रद्द हुए कॉलेजों में नामांकित व पंजीकृत छात्र हमारे हैं. उनके परीक्षा फार्म भरने की व्यवस्था की जाएगी. कॉलेजों में बरती गई अनियमितता का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना होगा.

उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा.

कुलपति ने कहा कि किसी भी नीति का निर्धारित विवि प्रशासन छात्रहित को ध्यान में रखकर कर रही है. उन्होंने कहा कि जिन महाविद्यालय का सत्र 2017-18 के लिए संबद्धता नहीं है उन कॉलेजों में नामांकन पर पूर्णतया रोक रहेगा. राज्य सरकार द्वारा संबद्धता अस्वीकृत कॉलेजों का परीक्षा फॉर्म किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा. उन्होंने संबद्ध कॉलेजों के संचालकों को आगाह किया कि भविष्य में सरकार द्वारा स्वीकृति या अनुमोदन के बिना पंजीयन, नामांकन व परीक्षा फॉर्म स्वीकार करने की सारी जिम्मेवारी उस असंबद्ध कॉलेजों की होगी.