भागलपुर में पंचायत के फैसले के बाद युवक को घर से खींचकर गोलियों से छलनी किया

लाइव सिटीड डेस्क(राकेश) :  भागलपुर में पंचायत के एक फैसले के बाद कुछ लोगों ने एक युवक को घर से खींचकर गोलियों से छलनी कर दिया. युवक का नाम हिमांशु यादव(26 वर्ष) बताया जा रहा है. आखिर हिमांशु को कुछ उग्र लोगों ने क्यों घर से खींचकर गोली मारी और क्यों पंचायत ने उसे मार डालने का फरमान सुनाया? आखिर क्या है इस पूरे प्रकरण के पीछे की कहानी, आइए जानते हैं.

आखिर क्या है मामला
दरअसल मामला भागलपुर के कजरैली थाना क्षेत्र के गोराचक्की गांव का है.  हिमांशु यादव(26 वर्ष) पड़ोस के परमानंद यादव की बेटी को ट्यूशन पढ़ाता था. वक्त के साथ दोनों मेें नजदीकियां बढ़ती गईं और दोनों एक दूजे से प्यार करने लगे. दोनों की मोहब्बत का खुलासा पिछले साल(2016) हुआ. 24 अगस्त को दोनों लोक—लाज और घर की बंदिशों से बचने के लिए भाग गये. इस घटना को लेकर उस वक्त इलाके में खूब चर्चा हुई. लोगों ने आपसी बातचीत में यहां तक कहा कि परमानंद यादव (लड़की के पिता) ने ही हिमांशु को इतनी छूट दी. खैर लड़की के घर वालों ने थाने में मामला दर्ज करवा दिया. पुलिस ने जैसे-तैसे लड़की को बरामद कर लिया और उसे उसके घर वालों के हवाले कर दिया. लेकिन हिमांशु इस घटना के बाद से फरार ही चल रहा था.
20 अप्रैल 2017 – इस ताऱीख ने बदल दी हिमांशु की जिंदगी

कहानी में नया मोड़ 20 अप्रैल 2017 को आता है. 20 अप्रैल 2017 को परमानंद की बड़ी बेटी की शादी होती है. शादी की रात ही सोनी फिर से हिमांशु के साथ घर छोड़कर भाग जाती है. खबर मिलती है कि दोनों ने दिल्ली जाकर शादी रचा ली है. लेकिन परिवार वाले शादी की बात की सूचना पुलिस को नहीं देते हैं. दोनों परिवार वाले पंचायत बैठाने की कवायद में जुट जाते हैं. हिमांशु के पिता मिताराम यादव उसे सोनी के साथ दिल्ली से भागलपुर बुलाते हैं.



5 जून 2107- पंचायत के फैसले का दिन
5 जून, यही वह तारीख है जिस दिन पंचायत यह फैसला लेती है कि हिमांशु के परिवार का बहिष्कार किया जाए. लेकिन पंचायत में लड़की के परिवार वालों को उकसाने की कवायद की जाती है. बदला लेने की नीयत से लड़की के घर वाले हथियारों के साथ हिमांशु के घर पर धावा बोल देते हैं. हिमांशु को पहले पीटा जाता है, फिर घर से खींचकर गोलियों से छलनी कर दिया जाता है. इस बदले की आग की चश्मदीद हिमांशु की मां जैशल देवी अस्पताल में भर्ती हैं. उनका कहना है कि जब घर पर हथियार बंद लोगों ने हमला किया तो हिमांशु के पिता खेत पर काम करने गये थे. घर में मैं, हिमांशु, बहू सोनी और बेटी सुजाता ही मौजूद थे. हिमांशु की मां का कहना है कि मेरे बेटे की हत्या करने के बाद वो गर्भवती सोनी को उठाकर ले गए. इस पूरे वारदात में परमानंद यादव, अरूण यादव, वरूण यादव, विवेक यादव, गोकुल यादव, पंकज यादव, गणेश यादव को आरोपी बनाया गया है. वहीं एक आरोपी गणेश यादव शनिवार 3 जून को ही जेल से छूटकर आया था. उसे ही इस षड्यंत्र का मास्टर माइंड माना जा रहा है.
 लापता सोनी की तलाशी में छापेमारी जारी
हिमांशु की गर्भवती पत्नी सोनी की तलाशी को लेकर पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. लेकिन पुलिस के हाथ अब तक खाली ही हैं. इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है.