इस थाने में पीड़ितों की गुहार नहीं चलती, थानेदार की मर्जी से दर्ज होती है FIR

गोपालगंज/भोरे(रोहिणी राय) : गोपालगंज जिले में एक ऐसा भी थाना है जहां पीड़ित की पीड़ा पर नहीं बल्कि थानेदार की मर्जी पर FIR दर्ज की जाती है. यह कोई आश्चर्य की बात नहीं. यहां जनता की सेवा के लिए कोई पुलिसकर्मी नहीं बैठा है. जनता की समस्या और सेवा की जरुरत नहीं समझी जाती. अब तो आप जानने को उत्सुक होंगे की आखिर यह कौन सा थाना है? तो जान लीजिए यह गोपालगंज का भोरे थाना है.

भोरे थाना के तेज-तर्रार थानेदार गौतम कुमार के कारनामों के चर्चे सिर्फ पब्लिक में हीं नहीं बल्कि महकमें भी खूब हो रहे हैं. अपनी मनमर्जी से किसी केस पर काम करते हैं गौतम कुमार. इंस्पेक्टर साहब और ज्यादा हाईलाइट तब हो गए, जब पाखोपाली गांव के दिनेश खरवार की पु्त्री के गायब हो जाने के मामले में लापरवाही बरती गई. लड़की के माता-पिता डेढ़ महीने से एफआईआर कराने के लिए दौड़ते रहे. लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुआ.

उधर एक दूसरे मामले में 29 मई को शौच के लिए गई एक लड़की को गांव के ही एक युवक ने अगवा कर लिया. दुष्कर्म किया. फिर बाद में उसे जान से मारने की धमकी देकर घर छोड़ गया. साफ-साफ कह दिया कि अगर जुबान खोली तो मार दूंगा. मामला सिसई चौधरी छापर गांव का है. अब परिजन पुलिस के पास गुहार लगा रहे हैं.

पिछले 17 दिनों से थाने का चक्कर काट रहे हैं लेकिन पुलिस कार्रवाई तो दूर, एफआईआर तक नहीं दर्ज करती. कोई गंभीरता नहीं दिखती. भोरे थानेदार की इस करतूत की शिकायत हथुआ एसडीपीओ को भी दी गई. लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. नतीजा सिफर रहा.

जनता को पुलिस पर भरोसा होता है. परेशानी में पड़ेंगे तो पुलिस मदद को पहुंचेगी. लेकिन यहां तो कुछ और ही है. पुलिस किसी मामले को सीरियस लेती ही नहीं. मर्जी से एफआईआर दर्ज की जाती है. जांच की बात तो दूर है. इस मामले में जब लाइव सिटीज ने एसडीपीओ इम्तियाज अहमद से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा.

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