स्वस्थ रहना है तो बचपन से छोड़े शुगर: सिस्टर मेसी

लाइव सिटीज डेस्क: स्टूडेंट्स ऑक्सीजन मूवमेंट का क्विट सुगर कैम्पेन बीमार नहीं होने का कैम्पेन है. यही वजह है कि कैम्पेन धीरे—धीरे चर्चा का विषय बना गया है. मूवमेंट को और तेजी से धार देने के लिए संयोजक विनोद सिंह पटना वीमेंस कॉलेज की प्रिंसिपल सिस्टर जेसी से मुलाकात की.


सिस्टर जेसी ने शुगर कैम्पेन का समर्थन करते हुए कहा कि चीनी खाकर डायबिटीज हो जाने से बेहतर है कि बचपन से ही चीनी नहीं खाया जाए. इसे बताने के लिए कॉलेज जाने वाले बड़े बच्चों को सामने आना होगा. मैं अपने कॉलेज की लड़कियों से निवेदन करुंगी की वो इस क्विट शुगर कैम्पेन में आगे बढ़कर शामिल हों.सिस्टर जेसी ने कहा कि बाजार शुरू से ही चीनी व चीनी से बने सामानों को खाने के लिए प्रेरित करने में लगा हुआ है. कोल्ड ड्रिंक्स का उदाहरण देते हुए कहा कि एक ग्लास कोल्ड ड्रिंक्स में 10 से 12 चम्मच चीनी का होना कितना नुकसानदेह है.

इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. यदि हमें और अपने बच्चों को स्वस्थ रखना है तो आइसक्रीम, कोल्डड्रिंक्स, चॉकलेट, मिठाई आदि न के बराबर खाने के लिए प्रेरित करना होगा. यदि हमें स्वस्थ रहना है तो चीनी छोड़ गुड़ को अपनाना होगा.

स्टूड़ेटस ऑक्सीजन मूवमेंट के कन्वेनर बिनोद सिंह ने सिस्टर जेसी का धन्यवाद करते हुए पटना वीमेंस कॉलेज की छात्राओं व शिक्षकों को क्विट शुगर कैम्पेन को सफल बनाने में सहयोग करने के लिए आभार जताया.