मणिभूषण सेंगर को धमकी मामले में हाईकोर्ट नाराज, राज्य सरकार और DGP से मांगा है जवाब

पटना (एहतशाम) : अधिवक्ता मणिभूषण सेंगर को लाइफ थ्रेट के मामले पर पटना हाइकोर्ट काफी गुस्से में है. उच्च न्यायालय ने अधिवक्ता मणिभूषण सेंगर को जान से मारने की धमकी मामले में राज्य सरकार, पटना के डीएम संजय अग्रवाल और पटना पुलिस एसएसपी मनु महाराज से जवाब मांगा है. कोर्ट ने पूछा है कि आखिर मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? शुक्रवार को मुख्य न्यायायाधीश राजेन्द्र मेनन और न्यायाधीश सुधीर सिंह की खण्डपीठ ने अधिवक्ता मणिभूषण सेंगर की ओर से दिये गये आवेदन को लोकहित याचिका मानकर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया.

बता दें कि ये पूरा मामला आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद, डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और लालू परिवार के खिलाफ लोकहित याचिका दायर करने से जुड़ा है. दरअसल मामले की शुरूआत तब हुई जब मणिभूषण सेंगर ने पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की.

जिसमे लालू परिवार की संपत्ति की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई थी. याचिका डालने के बाद मणिभूषण सेंगर को अपनी जान का खतरा सताने लगा है. इस मामल में सेंगर ने बताया कि 17 मई को उनको जान से मारने की धमकी भी दी गई.

इससे पहले सेंगर ने बिहार के DGP पीके ठाकुर को एक पत्र लिखकर अपनी जान-माल की सुरक्षा की गुहार भी लगाई थी. मणिभूषण ने इस पत्र की एक कॉपी पटना SSP और अपने क्षेत्र के पुलिस थाने में उपलब्ध कराई थी. लेकिन मणिभूषण सेंगर को पुलिस की ओर से सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई.

धमकियों के मिलने का सिलसिला नहीं रुका. पुलिस की तरफ से प्रोटेक्शन भी नहीं मिला तो सेंगर ने पटना हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश से मिलकर इस बारे में पूरी जानकारी लिखित में दी.

जिस पर आज शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने अपना रुख साफ करते हुए राज्य सरकार, डीजीपी, डीएम और एसएसपी से जवाब तलब किया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद होगी.

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