IMPACT : गंगा में शराब बहाने का मामला पहुंचा हाईकोर्ट, CM ने कहा- गलत है…

लाइव सिटीज डेस्क/पटनाः Live Cities मीडिया की खबर का एक बार फिर से असर हुआ है. हमने खबर दिखाई थी कि पटना सिटी में जब्ती के बाद हजारो लीटर शराब को पटना पुलिस ने गंगा नदी में बहा दिया. इस खबर के बाद से प्रशासन में हड़कंप मच गया था. अब इसी मामले में पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है. उधर सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने भी शराब को गंगा में बहाए जाने की बात को गलत करार दिया है.

गंगा में बहाई गई थी हजारों लीटर शराब

बता दें कि  13 मई को पटना सिटी पुलिस द्वारा जब्त शराब को गंगा में बहाए जाने के खिलाफ सोमवार को पटना उच्च न्यायालय में एक लोकहित याचिका दायर की गयी है. याचिका पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मणिभूषण प्रताप सेंगर ने दायर की है. याचिका में सेंगर ने आरोप लगाया है कि 13 मई को पटना सिटी पुलिस ने आॅपरेशन विश्वास के तहत कार्रवाई की थी. चौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत गंगा पार सुकुमारपुर दियारा में छापेमारी करते हुए करीब 50 हजार लीटर शराब जब्त की गई. जिसमे पुलिस ने जब्त शराब में से तकरीबन 20 हजार लीटर देशी शराब को गंगा में बहा दिया था. इस अभियान का नेतृत्व पटना सिटी के डीएसपी हरिमोहन शुक्ला और फतुहा डीएसपी अनोज कुमार कर रहे थे.

सबसे पहले Live Cities ने दिखाई थी खबर

पुलिस की इस करतूत पर को गलत करार देते हुए इस मामले की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर यह याचिका दायर की गयी है. याचिका में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने गलत तरीके से शराब को गंगा में बहाया. पुलिस ने गंगा के जल को प्रदूषित करने का काम किया. एक तरफ सरकार जहां गंगा को स्वच्छ रखने के लिए योजना बना रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा इस प्रकार का काम सरकार की योजना को विफल करना है. बता दें कि इस खबर को सबसे पहले Live Cities ने प्रमुखता से उठाया था.

उधर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर कहा कि, गंगा जैसी पवित्र नदी में शराब को डिस्पोज़ करना सरासर गलत है. इसपर कार्रवाई होनी चाहिए.

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