पारस कैंसर सेंटर में सिर्फ धनी ही नहीं, गरीबों का भी होगा इलाज

पटना: पारस कैंसर सेंटर के डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि हम यह धारण बदलगेंगे की पारस कैंसर सेंटर में सिर्फ धनी लागों का ही इलाज होता है. उन्होंने कहा कि हमारी पहली प्राथमिकता होगी की गरीबलोगों को भी पारस से जोड़ा जाएगा.इसके अलावा हम इसके लिए भी प्रयासरत हैं कि मरीजों की जरूरतों भोजन, आवास और ट्रांसपोर्टेशन की भी व्यवस्था की जाये. हमारा कैंसर सेंटर देश का एक
बेहतरीन कैंसर सेंटर हैं जहां एक छत के नीचे सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं.


गुरुवार को हॉस्पिटल परिसर में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए डॉ. सिंह ने बताया किहम बिहार-झारखंड के मरीजों को दिल्ली, मुम्बई के हॉस्पिटलों से होने वाले खर्च की उपेक्षा कम खर्च में इलाज करते हैं. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने कैंसर मरीज को अनुदान देने वाले अस्पतालों की सूची में पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल का नाम भी जोड़ दिया है. यानी पारस एचएमआरआई को भी मान्यता दे दी गई है. एक लाख तक की आमदनी वाले कैंसर मरीज को बिहार सरकार की ओर से इलाज के लिए 80,000 रुपये दिये जाते हैं. उन्होंने कहा कि कैंसर बहुत तेजी से बढ़ने वाली बीमारी है और तुरंत उसके इलाज की जरूरत पड़ती है. इसलिए बिहार-झांरखंड के लोगों के लिए सभी अत्याधुनिक उपकरणों से लैस पारस कैंसर सेंटर पटना, इलाज की उपयुक्त जगह है.

डॉ. सिंह ने कहा कि पारस कैंसर सेंटर में प्रतिदिन एक सौ मरीजों का इलाज होता है. यहां टेलीथेरेपी के लिए लीनियर एक्सलेटर अत्याधुनिक मशीन है जिससे उपयुक्त जगह पर ही रेडिएशन दिया जाता है. पेट सिटी मशीन शरीर में कैंसर है इसे बताता है. यहाँ कीमोथेरेपी और सर्जीकल अकोंलॉजी की भी अच्छी व्यवस्था है. यहां 12 बेड कीमो, 30 बेड सर्जरी और बाकी रेडिएशन के लिए है. पारस कैंसर सेंटर के सभी डॉक्टरों में इलाज के लिए इतना अच्छा समन्वय है कि मरीज को यह पता भी नहीं चल पाता कि किसने और कैसे मेरा इलाज शुरू हुआ.

पारस कैंसर सेटर में डेढ़ साल में एक हजार रेडिएशन, नौ सौ सर्जरी, 7200 से ज्यादा कीमोथेरेपी और 3 बोनमैरो ट्रांसपलांट किये गए हैं. उन्होंने मुम्बई, दिल्ली के इलाज की पटना से तुलना करते हुए कहा कि अगर कोई मरीज रेडिएशन लेने के लिए मुम्बई, दिल्ली जाएगा तो उसका ज्यादा खर्चा पड़ेगा. साथ ही इस इलाज की ताउम्र जरूरत पड़ सकती है, इसलि, यदि दिल्ली, मुम्बई का कुल खर्चा जोड़ा जाए तो पटना से वह खर्चा दोगुना से ज्यादा होगा. इसलिए बिहार-झारखंड के मरीजों लिए यह सेंटर काफी लाभदायक साबित होगा.

डॉ. सिंह ने कहा कि हम स्वयं बिहार और झारखंड का दौरा करेंगे तथा डॉक्टरों को बताएंगे कि कैंसर के मरीजों की खातिर पारस एचएमआरआई हॉस्पिटल प्रबंधन कई कदम उठाने वाले है.