पटना: अगवा ट्रक बरामद, 30 लाख के कपड़े जब्त, दो अपराधी गिरफ्तार

Seikhpura

शेखपुरा (ललन प्रसाद) : पटना जिले के बाढ़ स्थित एनटीपीसी के समीप से ट्रक को अगवा कर उस पर लदे करीब 30 लाख रुपए के कपड़े की लूट की घटना का तार शेखपुरा से जुट गया है एवं इस घटना का पर्दाफाश करते हुए शेखपुरा पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लूट के माल के साथ दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है. इस घटना का सुराग मिलने के बाद बीती देर संध्या से ही शेखपुरा पुलिस पूरी तरह हरकत में आ गयी थी. रात में कई स्थानों पर छापेमारी भी की. इसी दौरान पुलिस लाइन से महज कुछ ही दूरी पर स्थित चर्चित मामू भगना पहाड़ से सटे एक पुराने मकान में जब पुलिस ने छापेमारी की, तो लूट का माल बरामद हो गया. इस दौरान वहां मौजूद दो लोगों को गिरफ्तार भी कर लिया गया हे.

इस संबंध में जानकारी देते हुए एसडीपीओ अमित शरण ने बताया कि 16 मई की संध्या करीब छह बजे पटना से कपड़ों से लदा ट्रक भागलपुर के लिए निकला था. यह ट्रक जब बाढ़ स्थित एनटीपीसी के समीप पहुंचा, तो इसी दौरान घात लगाए अपराधियों ने इस ट्रक को अगवा कर लिया. अपराधी दो स्कार्पियो पर सवार थे. घटना के दौरान ट्रक ड्राइवर को बंधक बना लिया गया और फिर उस ड्राइवर को देर रात्रि करीब दो बजे नवादा में किसी सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया.

पुलिस ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ट्रक को शेखपुरा लाया गया था और यहीं कहीं लूट के माल को उतारा गया था. फिर उसे किसी दूसरी गाड़ी में भरकर वाजिदपुर व पुलिसलाइन के आसपास ही किसी मकान में छुपाया गया था. वहीँ ट्रक को दूर ले जाकर छोड़ दिया गया. ट्रक को लखीसराय जिला अंतर्गत रामगढ़ चौक के पास से बरामद किया गया और इसके बाद फिर पुलिस लूट के माल को तलाशने में जुट गई. इसी क्रम में जब इस मकान में छापेमारी की गयी तो लूट का माल बरामद हो गया.

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मौके पर से पटना जिले के मरांची गांव निवासी शम्भू सिंह तथा वरुआना गांव निवासी गणेश सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया. इस घटना में आधे दर्जन से अधिक लोगों की संलिप्तता बताई जा रही है. दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए पुलिस अपने अभियान में जुट गयी है. इस घटना को शेखपुरा में पूर्व में हुए ट्रक पर लदे अनाज एवं मैदा लूट से भी जोड़कर देखा जा रहा है. पुलिस ने बताया कि दोनों घटना में अपराधी ने स्कार्पियो वाहन का इस्तेमाल किया है. ऐसे में संभव है क़ि कुछ अपराधी इन सारी घटनाओं में कॉमन हों.

बताया जाता है कि शेखपुरा पुलिस लाइन के समीप स्थित एक पुराने मकान से लूट के कपड़े की बरामदगी के मामले में मकान मालिक की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है. इस मकान में लूट का कपड़ा दिन के उजाले में ही रखा गया था, जिसे कई लोगों ने भी देखा था. बीती शाम जब किसी ट्रैक्टर पर लादकर कपड़ों से भरे बोरे को यहां लाया गया था, तो कुछ लोगों को यह अजीब लगा था. जिन दो लोगों की गिरफ्तारी हुई, वे बीती शाम वहीं मौजूद थे और उन लोगों ने ग्रामीणों को बताया कि उन्होंने इस मकान को गोदाम बनाने के लिए किराया पर लिया है और गोदाम में सामान रखा जा रहा है. इस पर ग्रामीणों ने फिर कोई ध्यान नहीं दिया.

 

बताया जाता है कि यह मकान बाजितपुर के ही मोहन महतो का बताया जा रहा है. यह मकान कुछ समय पूर्व ही उसने बरबीघा के एक पत्थर व्यवसायी से खरीदा था. बताया जा रहा है कि इस जमीन पर क्रेशर का संचालन होता था, परंतु क्रेशर बंद होने के बाद इस जमीन को बेच दिया गया, जिसे मोहन महतो ने खरीदा था. बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व ही मकान मालिक ने इसे किराए पर दिया था.

एसडीपीओ ने बताया कि इस मामले में मकान मालिक की भी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है, क्योंकि किसी बाहरी आदमी को गोदाम बनाने के लिए किराए पर मकान देने की बात को पूरी तरह से खंगाला जा रहा है. अगर इस मामले में मकान मालिक की कितनी भूमिका है, इसकी गहन जांच की जा रही है.

बहरहाल बीती शाम माल को उतरते जिन ग्रामीणों ने इसे देखा था, वे आज पूरी तरह आश्चर्यचकित हैं कि यह पूरा मामला इतनी बड़ी लूट से जुड़ा हुआ था.