200 करोड़ रूपये गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण पर होंगे खर्च : उमा भारती

बक्सर : नमामि गंगे परियोजना के तहत केन्द्रीय मंत्री उमा भारती शुक्रवार को बक्सर पहुंची. इस दौरान उन्होंने कहा कि सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर डेढ सौ करोड़ और घाटों के सौंदर्यीकरण पर 50 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे.



हालांकि इस दौरान केन्द्रीय मंत्री को वहां प्रशासनिक बदइंतजामी का सामना भी करना पड़ा. उमा भारती को बक्सर के  प्रशासनिक अधिकारी गंगा निरीक्षण के लिए सरकारी मोटर तक उपलब्ध नहीं करवा पाए. आधे घंटे के इंतजार के बाद मंत्री को एक प्राइवेट नाव में अधिकारियों ने गंगा निरीक्षण कराया. लेकिन आश्चर्य यह था कि गंगा नदी के निरीक्षण के दौरान न तो मंत्री को लाईफ जैकेट उपलब्ध कराया गया और ना ही अधिकारियों खुद लाईफ जैकेट में नजर आये. केन्द्रीय जल संसाधन एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती अपने पूर्व सरकारी कार्यक्रम के तहत जिले में गंगा चौपाल कार्यक्रम में भाग लेने पहुंची थी. जिला प्रशासन ने केन्द्रीय मंत्री के कार्यक्रम को गंगा नदी से दूर किला मैदान में आयोजित कराया था. लेकिन मंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर बिना संबोधित किये बिना ही रामरेखा घाट का निरीक्षण करने पहुंच गईं.

मंत्री ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि जिले में गंगा सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर डेढ सौ करोड़ और घाटों के सौंदर्यीकरण पर 50 करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे. मंत्री ने जिला प्रशासन को गंगा निरीक्षण के लिए वोट उपलब्ध कराये जाने की पूर्व तैयारी नहीं रहने से काफी खफानजर आई. आधे घंटे इंतजार के बाद रामरेखा घाट पर प्राइवेट नाव के सहारे बिना लाईफ जैकेट की व्यवस्था के बीच अनुमण्डल पदाधिकारी गौतम कुमार, जिला आपूर्ति पदाधिकारी शिशिर मिश्रा के साथ गंगा भ्रमण का कार्य किया.

जबकि रामरेखा घाट पर मौजूद जिलाधिकारी रमण कुमार प्रशासनिक तैयारियों में हुईं चूक को देखते हुए मंत्री के साथ प्राइवेट नांव की सवारी करना मुनासिब न समझते हुए अपने मातहतों को मंत्री के साथ भेजा और अपने रामरेखा घाट पर खड़े रहे. उधर किसान नेता कृष्ण कुमार उर्फ मिठाई सिंह ने बताया कि बिहार सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों ने गंगा चौपाल कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री उमा भारती के कार्यक्रम के लिए कोई भी तैयारी सही तरीके से नहीं की थी. उनके कार्यों का, निरीक्षण के दौरान पोल खुल गया.

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