जल्द भरें जाएंगे विश्वविद्यालयों में अधिकारियों व शिक्षकों के खाली पद

प्रतीकात्मक फोटो
लाइव सिटीज डेस्क (राज विमल): बिहार सरकार जल्द ही बड़े पैमाने पर विश्वविद्यालयों में अधिकारियों और शिक्षकों के खाली पदों को भरने जा रहा है. इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग के तर्ज़ पर ही एक आयोग का गठन किया जायेगा जो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिशा-निर्देश पर कार्य करेगा.
गौरतलब हो कि कुछ समय पहले शिक्षा विभाग द्वारा इस आयोग के गठन के लिए प्रस्ताव लाया गया था. जिसमें कहा गया था कि इस आयोग में सात सदस्य होंगे जिसके प्रमुख आयोग के अध्यक्ष होंगे. शिक्षा विभाग के सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देशों के मुताबिक एक अन्य प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं जिसमें पहले से प्रस्तावित नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं. नये प्रस्ताव में यह कहा गया है कि गठित कमिटि को विश्वविद्यालय में शिक्षक, कर्मचारिय एवं प्राचार्य की नियुक्ति से लेकर उनकी प्रोन्नति तक का अधिकार होगा. इससे पहले बिहार विधानसभा के दोनों सदनों ने इस अधिनियम को 30 मार्च को पारित कर दिया था. मालूम हो कि इस कमिटि को वर्ष 2007 में खत्म कर दिया गया था जिसके बाद विश्वविद्यालयों में कर्मचारी और शिक्षक की नियुक्ति की जिम्मेवारी बिहार लोग सेवा आयोग के पास चली गयी थी.
बिहार लोक सेवा आयोग 19 मार्च 2013 से विश्वविद्यालय में कर्मचारियों की नियुक्ति कर रहा है. बिहार कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव के अधीन यह व्यवस्था की गई है. आंकड़ों के मुताबिक आखिरी बार विश्वविद्यालयों में विज्ञापन के द्वारा बहाली वर्ष 2003 में हुई थी.
इस साल मार्च में बिहार सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में 13564 शिक्षकों के स्वीकृत पदों पर 6,097 शिक्षक ही कार्यरत हैं और आधे से ज्यादा पद रिक्त हैं.