20 हजार के चक्कर में फंस गए मनरेगा के अधिकारी, निगरानी ने किया गिरफ्तार

नवादा/पटना : सूबे में निगरानी की टीम को लगातार सफलता मिल रही है. निगरानी की टीम लगातार रिश्वत लेने वालों की गिरफ्तारी में लगी है. शिकायत मिलने के बाद जांच फिर गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाने की कवायद लगातार निगरानी की टीम कर रही है.

इसी सिलसिले में मंगलवार को निगरानी की टीम ने नवादा से एक ओर घूसकोर कि दर-दबोचा. जानकारी के मुताबिक नवादा के पकरीबरावां मनरेगा के पीओ नीतीश कुमार सिन्हा को निगरानी की टीम ने गिरफ्तार कर लिया. नीतीश कुमार सिन्हा पर आरोप है कि वो मुखिया से मनरेगा की राशि की भुगतान की एवज में 20 हजार की रिश्वत ऐंठने के चक्कर में थे. मुखिया रामाशीष यादव ने बताया कि मनरेगा के पैसे को लेकर जब भी वो परियोजना प्रबंधक नीतीश कुमार सिन्हा से मिलते थे वो उनसे रिश्वत की मांग करते थे. इस बात को लेकर मुखिया ने निगरानी विभाग में शिकायत की. निगरानी की एक टीम ने पहले तो मामले की जांच की. फिर जांच में मामले को सही पाये जाने के बाद निगरानी की टीम ने मनरेगा के परियोजना प्रबंधक को रंगे हाथ गिरफ्तार करने के लिए जाल बिछाया.

सोमवार को निगरानी की टीम ने मनरेगा परियोजना प्रबंधक नीतीश कुमार सिन्हा को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया जब वे बेलकुंडा पंचायत के मुखिया रामाशीष यादव से रिश्वत की राशि लेकर गिन रहे थे. निगरानी की टीम में पुलिस उपाधीक्षक पारसनाथ सिंह, इंस्पेक्टर वीरेंद्र नारायण सिंह तथा विजय कुमार ने संयुक्त रुप से  बताया कि पीओ द्वारा कार्य पूर्ण होने पर राशि की निकासी के लिए  20 हजार रुपया रिश्वत मांगे जा रहे थे. उनकी शिकायत पर पीओ को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार कर उन्हें पटना ले जाया गया है. इससे पूर्व भी मुख्यालय के सिंचाई अवर प्रमंडल कार्यालय के कनीय अभियंता सत्येंद्र कुमार को मार्च 2016 में 10 हजार रुपया रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी की इस घटना से सरकारी कर्मियों में हड़कंप मचा है.

यह भी पढ़ें-   निगरानी DSP बनकर लोगों को धमकी देता था एएसआई, रूपये भी ठग लिए