पिटाई मामले में पत्रकारों ने डीजीपी को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

लाइव सिटीज डेस्क : उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के सुरक्षाकर्मियों और पत्रकारों की पिटाई के बाद पत्रकार लामबंद हो गए हैं. एकजुट होकर पत्रकारों के शिष्टमंडल ने गुरुवार को डीजीपी से मुलाकात की. डीजीपी ने पत्रकारों को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है. पत्रकारों ने डीजीपी को कार्रवाई के लिए 72 घंटे का वक्त दिया है.

मुलाकात के बाद डीजीपी पी. के. ठाकुर ने कहा कि पुलिस मुख्यालय ने सचिवालय में हुई घटना को गंभीरता से लिया है. मामले की जांच का जिम्मा एडीजी स्पेशल ब्रांच को दिया गया है. मुलाकात के दौरान एडीजी मुख्यालय आलोक राज भी उपस्थित थे. पत्रकारों की तरफ से डीजीपी को दिए गए ज्ञापन में पांच मांगें भी दी गई हैं. प्रतिनिधिमंडल में सुजीत झा, मनीष कुमार, प्रकाश सिंह, प्रभाकर कुमार, अमिताभ ओझा, दीपक कुमार और कुलभूषण शामिल थे.

इससे पहले एक न्यूज चैनल के दफ्तर में पटना के इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के पत्रकारों और छायाकारों की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता करते हुए मनीष कुमार ने कहा कि हाल के दिनों में हुई घटनाएं बहुत गंभीर हैं और अगर हम अपनी एकजुटता नहीं दिखाते हैं तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. जबकि वरिष्ट पत्रकार संजय सिन्हा ने कहा की काम के दौरान पत्रकारों की सुरक्षा सबसे अहम है.

वरिष्ठ पत्रकार प्रकाश कुमार ने कहा कि यह समय पत्रकारों की एकजुटता दिखाने का है. पत्रकारों को अपने हितों की सुरक्षा के लिए लामबंद होने की जरुरत है. जबकि प्रकाश सिंह ने हाल में हुई दोनों घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बदलते राजनीतिक हालातों में सभी को एकजुट होने और संभल कर चलने की जरुरत है. पत्रकारों की एकता ही उनकी ताकत है. आज तक के सुजीत झा ने भी पत्रकारों की एकजुटता पर बल दिया.

अमिताभ ओझा ने कहा कि अब आगे से ऐसी किसी भी घटना पर एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी, ताकि लोगों में कानून का भय हो.

 

बैठक के दौरान भोलानाथ, ब्रजेश मिश्रा, नीतीश चंद्रा, प्रशांत झा, रवि उपाध्याय, फैजान अहमद, प्रभाकर कुमार, संतोष कुमार, रंजीत कुमार, अमिताभ ओझा, संतोष सिंह, सौरभ कुमार, चन्द्रमोहन, अशोक मिश्रा, अमित सिंह, रूपेश कुमार, रोहित कुमार, मुकेश कुमार, सूरज, नागेन्द्र समेत कई कैमरामैन बंधु भी उपस्थित थे.