निखिल-सुरभि की कहानी : मुस्कुराने के दिन लौट आये हैं

NIKHIL

पटना : बताने-लिखने को बहुत कुछ नहीं है. सब कुछ तस्वीर ही बयां कर दे रहा है. पहले प्यार, फिर धोखा, आगे प्रतिशोध और अब फिर से लव जिंदाबाद के दिन. कहानी सुरभि और निखिल प्रियदर्शी की है. तस्वीर को फिर से देख लें. बहुत कुछ दिखेगा आपको. यह तस्वीर सबसे पहले पटना के क्राइम जर्नलिस्ट रवीश कुमार ने अपने पोर्टल पर अपलोड की थी. अब यह तस्वीर लोग बार-बार देख रहे हैं. सबों के चेहरों को पढ़ रहे हैं. कहां-कौन सा रंग है, साफ़-साफ़ दिख रहा है.

यह तस्वीर कोर्ट परिसर में ली गई दिखती है. निखिल के पिता रिटायर्ड आईएएस केबीपी सिन्हा सोमवार को ही कोई तीन महीने के बाद जेल से छूटे हैं. पता चला कि उन्होंने जेल के दिनों में कोई कविता संग्रह भी लिखा है. वे अब निखिल-सुरभि की शादी के लिए तैयार हैं. प्रतीक्षा बस बेउर जेल से निखिल के आजाद होने की है.

SURBHI

निखिल की रिहाई के लिए सुरभि की बेताबी को सभी नोटिस कर रहे हैं. वह तैयार न होती, तो निखिल का छूटना बहुत मुश्किल होता. पर दोनों ने प्यार को जिंदाबाद कह शादी का फैसला कर लिया. सुरभि ने कोर्ट में निखिल की जमानत के लिए एप्लीकेशन डाली. फैसला अभी आना है. लेकिन हर तारीख पर सुरभि हाजिर हो रही है. उसे आने की जरुरत नहीं है, पर आती है.

जब तारीख पर पेशी के लिए निखिल को जेल से लाया जाता है, तो वह और सज-संवर कर आती है. चेहरे की मुस्कुराहट देखते बनती है. बिछुड़े हुए दो दिलों को मिलते सभी देखते हैं. इंतजार दोनों बस इसी का कर रहे हैं कि कब जेल का झंझट ख़त्म हो और खुले में शादी की शहनाई बजे. दो दिल आपस में मिल गए हैं, तो दुनिया क्या कहेगी, इसकी फ़िक्र कौन करता है.

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