‘UNICEF ने बच्चों पर नई–नई दवाइयों का किया प्रयोग, दुनिया को दिखाई बिहार की गरीबी’

खगड़िया (मनीष सिंह) : जन अधिकार पार्टी (लो) सुप्रीमो सह मधेपुरा सांसद पप्पू यादव ने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ पर विकास के नाम पर गरीबों के साथ छल करने का आरोप लगाया है. पप्पू यादव शनिवार को जिले के अलौली प्रखंड के केरा-खेरी पंचायत के गुलरिया गांव में रात्रि विश्राम कर वहां के हालात से अवगत होकर आज रविवार को शहर के होटल शकुंतला इंटरनेशनल में पत्रकारों से रू-ब-रू थे.

उन्होंने यूनीसेफ की टीम और बिल गेट्स पर सनसनीखेज आरोप लगाये हैं. पप्पू यादव ने यूनिसेफ पर आरोप लगाते हुए कहा – यूनीसेफ संस्था गरीब बच्चों पर नई–नई दवाइयों का प्रयोग करती है. इसने गांव के बच्चों के विकास के नाम पर उनका गलत इस्तेमाल किया है. पप्पू ने बताया कि जब वह गुलरिया गांव पहुंचे तो उन्हें जो जानकारी मिली वह हैरान कर देने वाली थी. गांव के बुजुर्गों ने बताया कि यूनिसेफ की टीम वहां के बच्चों को तरह—तरह की सूई देती थी. उन्हें यह सूई किस चीज की दी जाती थी और क्यों दी जाती थी, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. यहां क्लिक कर वीडियो में देखें क्या-क्या बोले पप्पू यादव.

उन्होंने यूनिसेफ के एक बायोपिक पर बिल गेट्स को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्होंने पूरी दुनिया को दिखाया कि बिहार में दरिद्रता है. यहां के लोग गरीब हैं. उन्होंने केवल यह दिखाया कि हम चूहे खाते हैं. उनकी टीम यहां के बच्चों से चूहे मार कर दिखाने को कहती थी और इसके एवज में उन्हें 500-1000 रूपये दिए जाते थे. बच्चे और उसके परिजन पैसे के लोभ में उनलोगों के कहने पर ऐसा करते थे. सांसद ने कहा – उन्होंने इन बच्चों पर बायोपिक बना कर नोबेल अवार्ड लेने का रास्ता आसान किया.

गौरतलब है कि 10 साल पहले बिल गेट्स बिहार आये थे और तब बिहार सरकार ने कहा था कि हम इनके साथ मिलकर इस इलाके का विकास करेंगे. पप्पू यादव ने पूछा – उनके वायदे का क्या हुआ? उन्होंने कहा था कि हम पूरे इलाके में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे. लेकिन आज 10 साल बीत जाने के बाद भी गुलरिया गांव के 90% लोग कुपोषित हैं.

यादव ने भारत के नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी को भी आड़े ​हाथों लिया और पूछा कि कहां है आपके द्वारा छुड़ाए गए 84000 लोग? पप्पू यादव ने हिदायत देते हुए कहा कि कहा कि अमीर आदमी केवल नोबेल पुरस्कार लेना जानता है. इसलिए गरीब आदमियों को अमीर लोगों और नेताओं से दूर रहना चाहिए.

PAPPU-GULARIYA
बीती रात गुलरिया में पप्पू यादव

पप्पू यादव ने यूनिसेफ के बायोपिक में काम किये शोषित बच्चों के परिवारों को 25-25 हजार रूपये की मदद राशि भी दी ताकि वह कोई रोजगार कर अपने बच्चों को पढ़ा सकें. सांसद ने गुलरिया की स्थिति बयां करते हुए कहा कि गांव में एक शौचालय, स्कूल, सड़क एवं स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं है. वहीं ग्रामीणों को शुद्ध पेय जल तक भी मयस्सर नहीं होता है.

इस अवसर पर सांसद ने कोशी क्षेत्र के फरकिया व दियारा इलाके के विकास को एक चुनौती के रूप में स्वीकार करते हुए कहा कि आने वाले 6 महीनों के अंदर गुलरिया गांव में 50 चापाकल एवं शौचालय की व्यवस्था कर दी जायेगी. 15-20 दिनों के भीतर इलाके में 50 चापाकल गड़वाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

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गौरतलब है कि सांसद शनिवार की देर शाम कोसी, कमला व करेह नदियों को पार कर गुलरिया पहुंचे थे. इस दौरान उन्हें नाव, ट्रैक्टर की सवारी करने के साथ साथ पैदल भी चलना पड़ा था. मौके पर जाप के जिलाध्यक्ष सह पूर्व नगर सभापति मनोहर कुमार यादव, युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष नागेन्द्र सिंह त्यागी व जिलाध्यक्ष चंदन कुमार सिंह आदि मौजूद थे.

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