गोपालगंज में मन्दिर के लिए मुस्लिमों ने दान की अपनी जमीनें

लाइव सिटीज डेस्क: ऐसे समय में जब हिन्दुओं और मुस्लिमों के बीच आए दिन तनाव की खबरें आती रहती हैं. बिहार से आने वाली यह खबर गर्म दोपहर में ठंडी हवा के झोंके जैसी ताजगी देने वाली है. बिहार के गोपालगंज जिले में मन्दिर के जीर्णोद्धार के लिए मुस्लिम परिवार अपनी जमीन दान कर रहा है. गोपालपुर थाना क्षेत्र के गांव अहिरौली दबौली के टोला तकिया के रहने वाले तबरक दीवान और उनके बेटे मनु दीवान ने ही अपनी जमीनें दान कर दी है. उनकी जमीन एनएच—28 के स्थित है जिसे उन्होंने ऐतिहासिक बथनाकुटी मन्दिर के मुख्य द्वार के निर्माण के लिए दान किया है

जमीन दान के बारे में कुचायकोर्ट के आरजेडी विधायक अमरेन्द्र कुमार उर्फ पप्पू पाण्डेय ने बताया कि इस जमीन को तबरक भाई ने कुछ समय पहले ही 12 लाख रुपये से कारोबार लगाने के लिए खरीदा था. अपनी जमीन को दान करके उन्होंने ऐतिहासिक बथनाकुटी मन्दिर के जीर्णोद्धार में बड़ी भारी मदद की है. अगर वह अपनी जमीन को देने से इंकार कर देते तो मन्दिर के मुख्य द्वार का निर्माण असंभव था. अब मन्दिर के मुख्य द्वार का निर्माण उनकी दान की हुई जमीन पर ही होगा.

विधायक अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि एक अन्य मुस्लिम अली रज़ा ने भी अपनी जमीन इसी मन्दिर के लिए दान कर दी है. रज़ा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के रमैना गांव के रहने वाले हैं. अली रज़ा इसे सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल मानते हैं. जमीन दान करने वाले मनु दीवान ने बताया कि हम लोग यहां कई सालों से रह रहे हैं. सभी एक—दूसरे से मिल—जुलकर ही रहते हैं. यह आपसी सद्भाव की मिसाल है. हमने अच्छे काम के लिए जमीन दान करने का फैसला ​किया है. सभी धर्म समान ही तो हैं.

मन्दिर के लिए मुस्लिमों द्वारा जमीन दान करने का यह कोई पहला मामला नहीं है. दो साल पहले कुछ मुस्लिमों ने पूर्वी चंपारण जिले में बन रहे सबसे बड़े हिन्दू मन्दिर के लिए भी जमीनें दान कर दी थीं. इस मन्दिर का निर्माण पटना का महावीर मन्दिर ट्रस्ट करवा रहा है जिसमें एक साथ बीस हजार लोग दर्शन और पूजन कर सकेंगे. इस मन्दिर के लिए कुछ मुस्लिमों ने मुफ्त में तो कुछ ने नाममात्र के पैसे लेकर जमीनें दे दी थीं. पटना के मशहूर महावीर मन्दिर ट्रस्ट के सचिव आचार्य किशोर कुणाल इस बात की पुष्टि करते हैं. उन्होंने बताया कि बिना मुस्लिमों के सहयोग के इस भव्य मन्दिर का निर्माण कठिन था.

मुस्लिमों ने बिहार के गया जिले में भी देवी दुर्गा के मन्दिर के निर्माण के लिए जमीन दान कर दी ​थीं. वहां पर मुस्लिमों ने न सिर्फ जमीनें बल्कि मन्दिर निर्माण के लिए पैसे भी दिए हैं. ऐसी ही घटना बेगूसराय जिले में भी हुई है जहां के निवासी मोहम्मद फख़रुल इस्लाम ने बछवारा गांव में अपनी जमीन भगवान शंकर का मन्दिर बनवाने के लिए दान कर दी है.

करीब तीस साल पहले कुछ हिन्दुओं ने भी इसी गांव में मज़ार के निर्माण के लिए अपनी जमीन के टुकड़े को दान कर दिया था.

पिछले कुछ सालों में अगर छिटपुट घटनाओं को छोड़ दिया जाए तो बिहार सांप्रदायिक तनाव से अछूता ही रहा है. बिहार की कुल 10 करोड़ आबादी में से मुस्लिमों की आबादी का प्रतिशत करीब 16.5 फीसदी है. जबकि सीमांचल इलाके में मुस्लिम आबादी किशनगंज में करीब 67 फीसदी, पूर्णिया में 37 फीसदी, कटिहार में 43 फीसदी और अररिया में 40 फीसदी है.