हैवानियत : मुजफ्फरपुर पुलिस से उठा विश्वास, अब अदालत खुद करेगी न्यायिक जांच

लाइव सिटीज डेस्क  (अभय राज): अब लोगो को गुंडों से ज्यादा पुलिस के चेहरों से डर लगने लगा है. न जाने कब झूठे केस में फ़सा दे और अपने वर्दी के नशे में निर्दोष गरीब लोगो  को जेल भेज दे.बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट में बिहार पुलिस ने एक ऐसे ही घटना का अन्जाम दिया. जानकारी मिलने पर अदालत ने तीखी टिपण्णी करते हुए न्यायिक जांच करने की बात कही है. इससे पहले इस मामले में पुलिsस की बर्बरता पर कार्रवाई करते हुए एसएसपी ने पूरे थाने को लाइनहाजिर कर दिया था. 

घटना का पर्दाफास तब हुआ जब अपहरण के अपहृत लड़के ने अदालत को सपथ पत्र देकर कहा की मेरा अपहरण हुआ ही नहीं था. पुलिस ने सादे कागज पर दस्तखत कराकर उस कागज पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कर दिया.  इतना ही नहीं मीडिया को अपहृत अभिनय ने बताया की शादी उसकी मर्जी से हो रही थी और आज भी शादी स्वीकार है.

बोचहां थाना के मैठी निवासी अभिनय की शादी गायघाट पछियारी टोला में तय हुयी. लड़का और लड़की दोनों आपस में फोन पर बातचीत करने लगे. बातचीत के क्रम में लड़के को पता चला की लड़की के पिता की तबियत ख़राब है. लड़का अपने होनेवाले ससुराल पहुंचकर हाल चाल लेने लगा. वहां उसे पता चला की उसके ससुर की इच्छा है की उसके बेटी की शादी पिता के जीते जी हो जाये. लड़का उसी समय शादी को तैयार हो गया. 

मामला गुरुवार रात का है जहाँ गायघाट के पछियारी टोला में मैठी निवासी अभिनय शादी करने पहुंचा था. गायघाट पुलिस को कहीं से सूचना मिली की गायघाट पछियारी टोला में अपहरण कर शादी कराई जा रही है.

गायघाट पुलिस ने शादी स्थल पर पहुँच कर वहां शादी कर रहे जोड़े को गिरफ्तार करने का प्रयाश किया. लोगों के विरोध करने पर पुलिस वापस लौटी और कुछ देर बाद चार थानों की पुलिस उसके साथ थी.पुलिस ने शादी के जोड़े सहित वहां मौजूद सभी ग्रामीणों को जमकर पीटा. दुल्हन के साथ उसकी बड़ी बहन के साथ बदसलूकी की. दोनों बहनो की बर्बरता पूर्ण पिटाई करने के बाद उसे थाने लाया गया जहाँ दुल्हन के निजी अंगो पर पुलिस ने राइफल के कुंदे से प्रहार किया.

अपनी अमानवीय हरकत और कुकृत्य को छिपाने के लिए पुलिस ने लड़के से सादे कागज पर निसान भी ले लिया. रात भर अमानवीय तरीके से पीटने के बाद गायघाट पुलिस ने पीड़िता दोनों बहन और उसके दो भाइयों को गिरफ्तार कर न्यययिक हिरासत में भेजने का प्रयाश किया. जेल प्रशासन ने दोनों बहनो की गंभीर स्थिति को देखते हुए जेल में रखने से इंकार कर दिया. 

इधर अपहृत अदालत में दायर सपथ पत्र में अपहरण की घटना से इंकार किया है. घटना जानकारी देते हुए अधिवक्ता  संगीता शाही ने बताया की न्यायलय ने मामले की खुद जांच करने का निर्णय लिया है.

लोगो में पुलिस के प्रति विश्वास खत्म हो चूका है.आखिर हो भी क्यों न जिस पुलिस को वह अपना रक्षक मानती हो अगर वही भक्षक बन जाय तो भरोशा तो खत्म होगा ही. हालांकि मीडिया में बात आने के बाद एसएसपी ने पूरे थाने को लाइन हाजिर करते हुए थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया है.

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