पत्रकार की Viral पोस्ट पर मुजफ्फरपुर एसएसपी ने कहा – दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी

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पटना/मुजफ्फरपुर : न्यूज़ चैनल ऍनडीटीवी में कार्यरत अतहररुद्दीन मुन्ने भारती के साथ बीते दिनों मुजफ्फरपुर में हुई कथित अभद्रता मामले में पुलिस कार्रवाई करेगी. इस मामले में मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार ने सोमवार को मुन्ने भारती से संपर्क कर उनसे मामले की जानकारी ली है. एसएसपी ने बताया है कि उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर इस मामले में दोषियों को चिन्हित कर साक्ष्य के आधार पर कठोर कार्रवाई की जायेगी.

हालांकि इस मामले में मुजफ्फरपुर के एसएसपी विवेक कुमार का कहना है कि मुन्ने भारती द्वारा उनके साथ हुई अभद्रता के संबंध में न तो कोई प्राथमिकी दर्ज कराई गईं है और न किसी पदाधिकारी को घटना का संबंध में जानकारी दी गई. उन्हें घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से मिली जिसके बाद एसएसपी ने आज सोमवार को पीड़ित से दिल्ली में संपर्क किया.

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उधर पुलिस द्वारा संपर्क किये जाने पर मुन्ने भारती का कहना है कि एसएसपी ने उनसे बात की है, लेकिन वो अब इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहते. उन्होंने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से बताया है कि वो सपरिवार दिल्ली मे रहते हैं तथा परिवार मे उनके छोटे बेटे अली अतहर जो स्पेशल चाइलड है, इस वहज से उनके पास परिवार की अहम जिममेदारी है. इस कारण उनके पास वक़्त की तंगी है. लिहाज़ा पुलिस मे बयान दर्ज कराये जाने के बाद मामले की तफ़तीश के लिए उन्हें दिल्ली से बिहार कई बार आना ही पड़ेगा, जो उनके लिए मुश्किल है.

मुन्ने भारती अपने फेसबुक पोस्ट में आगे लिखते हैं – आज, 3 जुलाई को मुज़फ़्फ़रपुर एसएसपी विवेक जी से फोन कर अपने पक्ष में मैंने कहा कि मैं इस मामले मे कोई कार्यवाही नही चाहता, क्योंकि ऐसे मजहब से भटके लोगों को इस नादानी के लिए मै आैर मेरा परिवार माफ़ करता है, आैर दुआ करता हूं कि ऐसे लोग मजहब को क़रीब से जानें तभी उनका कल्याण होगा. लेकिन मै आज भी इस बात पर क़ायम हूं कि राम जैसी महान शख़्सियत के नाम पर किसी को नुक़सान पहुँचाकर कुछ भला नही होने वाला है.

गौरतलब है कि मुन्ने भारती ने बीते 28 जून को एक फेसबुक पोस्ट लिखी थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वो अपने  91 वर्षीय अब्बू, 85 साल की अम्मी, अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ 28 जून 2017 को बिहार के वैशाली ज़िले के करनेजी गाँव से अपने ननिहाल समस्तीपुर जिले के रहीमाबाद गाँव के लिए निकले थे. इस दौरान मुज़फ़्फरपुर नेशनल हाईवे 28 के टोल टैक्स बैरियर से लगभग एक किलोमीटर दूर मारगन चौक के पास उनसे कुछ लोगों ने बदतमीजी की.

उनका आरोप था कि उन्हें मुस्लिम होने की वजह से बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं द्वारा ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने को मजबूर किया गया. अपने परिवार की सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने और परिवार के सभी लोगों ने जय श्रीराम के नारे लगाए. आगे उन्होंने कहा – राम का सम्मान करता हूं और उनकी जय में मुझे कोई एतराज भी नहीं होता लेकिन जिस दहशत में मुझे श्रीराम कहना पड़ा ये मुझे अच्छा नहीं लगा.

भारती की यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गई थी, और देश-विदेश के न्यूज़ चैनलों की सुर्खियां बन गई थी.

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