3.5 लाख नियोजित शिक्षकों को नहीं मिल सकेगा वेतन, अँधेरे में दिवाली भी !

पटना : दीपावली और छठ पर शिक्षकों को उम्मीद थी कि सभी बकाया वेतन का भुगतान हो जाएगा लेकिन अब ऐसा होता नहीं लगता है. शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ देने के लिए बिहार सरकार सॉफ्टवेयर डेवलप करने में जुटी है लेकिन दिवाली में सिर्फ दो दिन शेष होने के बावजूद अभी तक सॉफ्टवेयर तैयार नहीं हो सका है. इससे आशंका बढ़ गई है कि बिहार के करीब 3.5 लाख शिक्षकों की दिवाली अंधेरे में कटने वाली है.

सातवें वेतनमान के लिए सॉफ्टवेयर बनाने के चक्कर में नियोजित शिक्षकों को सातवां वेतनमान का लाभ नहीं मिलने के साथ पिछले छह महीने से वेतन भी अटका हुआ है. इस बारे में शिक्षक प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार के अधिकारियों ने तो खुद के लिए वगैर किसी सॉफ्टवेयर के सातवें वेतनमाव की व्यवस्था कर ली लेकिन नियोजित शिक्षकों के लिए बहानेबाजी हो रही है. बताया जा रहा है कि शिक्षकों के दबाव में वेतन भुगतान का तो निर्देश जारी किया गया है लेकिन वह भी भीख के समान मात्र एक महीने का.

हालांकि सूबे के शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने वादा किया है कि राज्य के साढे तीन लाख नियोजित शिक्षकों की दिवाली अंधेरे में नहीं कटेगी. उन्होंने कहा कि छठ के पहले सभी को निश्चित तौर पर वेतन दे दिया जाएगा. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश भी दिया है कि अगर समय पर सॉफ्टवेयर तैयार नहीं होता है तो सभी को मैनुअली वेतन भुगतान किया जाए.

गौरतलब है कि नियोजित शिक्षक सेवाशर्त लागू होने के वादे के पूरा होने का पिछले दो साल से इंतजार कर रहे हैं. सेवाशर्त लागू करने की लगातार तिथियां बदलती रहीं. महागठबंधन सरकार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी की तीन-तीन घोषणाएं फेल हो चुकी थी. महागठबंधन सरकार ने जुलाई के अंत तक शिक्षक संघों से बात कर सेवाशर्त का ड्राफ्ट फाइनल करने की बात कही थी, लेकिन महागठबंधन सरकार के भंग होने और एनडीए सरकार बनने के कारण सेवाशर्त लागू होने में देर हो रही है.