⁠⁠⁠पटना के श्री कृष्ण विज्ञान केंद्र में अब जान पाएंगे पृथ्वी को पहले से बेहतर 

पटना:  नेशनल साइंस म्यूजियम कोलकाता, मुंबई और बेंगलुरु के बाद अब पटना के श्रीकृष्ण विज्ञान केंद्र में भी अब लोगों को पृथ्वी को करीब से जान पाने का मौका मिलेगा. यह सब साइंस ऑन स्फेयर के माध्यम से संभव हो पाया है. साइंस सेंटर में यह तकनीक इस वर्ष के सितम्बर से शुरू होने जा रही है. लगभग 70 दर्शक इसे एकबार में देख पाएंगे.
पृथ्वी कैसी दिखेगी : 
1.8 मीटर व्यास वाले ग्लोब के उपर कम्प्यूटर एवं विडियो प्रोजेक्टर की मदद से गोलाकार प्रक्षेपण किया जाएगा. इससे पूरा ग्लोब पृथ्वी जैसा दिखेगा. इसमें, पृथ्वी, महासागर एवं वायुमंडल को चित्रों के माध्यम से दिखाया और उसकी प्रक्रिया को समझाया जाएगा.
क्या होगा इसमें: 
प्रोजेक्ट कॉर्डिनेटर अमिताभ के मुताबिक 1.8 मीटर व्यास वाले ग्लोब के उपर कम्प्यूटर एवं विडियो प्रोजेक्टर की मदद से गोलाकार प्रक्षेपण किया जाएगा. इससे पूरा ग्लोब पृथ्वी जैसा दिखेगा. इसमें, पृथ्वी, महासागर एवं वायुमंडल को फोटोग्राफ के माध्यम से दिखाया और उस के कार्य को समझाया जाएगा. हालांकि उन्होंने कहा कि यह सुविधा पहले से ही है लेकिन यह थोड़ी नई तकनीक है जो लोगो को जलवायु और पृथ्वी के बारे में जानकारी देगी.
कैसे पर्यावरण की सर्किल चलती है: 
सबसे खास बात तो यह है कि पृथ्वी को लाइव देखा जा सकेगा. पृथ्वी पर की प्रत्येक गतिविधियों को लाइव देखा जा सकेगा. इसमें वास्तविक समय की इन्फ्रारेड उपग्रहीय चित्र, मंगल ग्रह, भूकंप, महासागरीय मॉडल, रात में पृथ्वी, पृथ्वी के चारों ओर वायुमंडल एवं उपग्रहों की परिक्रमा, मौसम और टेम्परेचर में बदलाव, बादलों की गतिविधियां आदि देख पाएंगे. अमेरिका की सरकारी एजेंसी नेशनल ओसियानिक एंड एटमोसफियरिक एडमिनिस्ट्रेशन राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद को डाटा उपलब्ध कराती है. इससे पृथ्वी की हर जानकारी लाइव मिलेगी.