महीनों से कराहते मरीज को पारस ग्लोबल हॉस्पिटल ने दिलवाई राहत

लाइव सिटीज डेस्क: दर्द शरीर के किसी भी अंग में हो, उसकी टीस इंसान को न सोते हुए चैन लेने देती है न जागते हुए. महीनों से पेट दर्द के परेशान 20 साल के विजय कुमार को जब पता चला कि उसके पेट दर्द का कारण कुछ और है, तो उसके होश उड़ गए. लेकिन दरभंगा के पारस ग्लोबल हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने उसका सफलतापूर्वक इलाज किया. आज वह पूर्ण रूप से स्वस्थ जीवन बिता रहा है.

विजय कुमार ने बताया कि उसे पिछले कई महीनों से बुखार, पेट दर्द की शिकायत थी. उसका वजन तेजी से घट रहा था. परेशानी की हालत में उसने कई जगह इलाज करवाया लेकिन उसे अपने रोग के बारे में पता नहीं चल सका. बाद में पारस हाॅस्पिटल, दरभंगा में विजय कुमार ने सबसे पहले डाॅ. ए के गुप्ता को दिखाया. जहाँ डाॅक्टर ने उसे यूरोलाॅजिस्ट डाॅ. अभिषेक बोस से मिलने की सलाह दी. उसके पेट के बाएं भाग में सूजन और दर्द था, साथ ही तेज बुखार भी था. तब डाॅ. अभिषेक ने अपने साथी डाॅ. इरफान के साथ सलाह-मशविरा कर बीमारी को पकड़ा. जाँच के बाद पता चला कि उसकी बायीं किडनी में रूकावट है तथा मवाद भरा हुआ है.

अल्ट्रासाउण्ड के माध्यम से उसकी बायीं किडनी में एक छोटी सी पाइप डाली गयी तथा करीब 700 एमएल मवाद निकाला गया. शुरूआत में तो लग रहा था कि उसकी किडनी पूर्ण रूप से खराब हो चुकी है. लेकिन दो महीने के इलाज के बाद किडनी धीरे-धीरे काम करने लगी. जब किडनी धीरे-धीरे काम करने लगी तो फिर उसका सीटी स्कैन कराया गया. इस टेस्ट से पता चला कि उसकी किडनी में यह गड़बड़ी जन्म के समय से है. इस बीमारी को यूरेट्रो पेल्बिक जंक्शन आॅब्सट्रक्शन(यू.पी.जे.ओ) कहा जाता है.

बीमारी के खात्मे के लिए पेट पर लंबा चीरा लगाकर दूरबीन विधि से आॅपरेशन किया गया, जो तीन घंटे तक चला. इस आॅपरेशन को लैप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी कहा जाता है. आॅपरेशन करने वाले डाॅ. अभिषेक बोस ने बताया कि 10 दिन के बाद मरीज को हाॅस्पिटल से छुट्टी दे दी गयी और अब वह सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि उसे जन्म से ही यह बीमारी थी, लेकिन जब बच्चा बड़ा होता है और उसकी पेशाब की मात्रा बढ़ने लगती है तो ये गड़बड़ियां शुरू हो जाती हैं.

पारस हाॅस्पिटल, दरभंगा के यूनिट हेड डाॅ. आनन्द ने कहा इस तरह की आपात स्थिति में अच्छे डाॅक्टरों, उच्च अत्याधुनिक टेक्नोलाॅजी और उपकरण की जरूरत होती है हमारे हाॅस्पिटल में ये सारी सुविधाएं उपलब्ध हैं, ताकि दरभंगा तथा उसके आसपास के लोगों को इलाज और आॅपरेशन के लिए अन्यत्र न जाना पड़े.

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