वो मासूम बच्चियों को बनाता था अपनी हवस का शिकार, डरा-धमकाकर करता था यौन शोषण

पटना : वो मासूम बच्चियों को अपनी हवस का शिकार बनाता था. अब तक आधा दर्जन मासूमों का यौनशोषण कर चुका था. और अपने अगले शिकार की तालाश में था. पटना पुलिस को इसके खिलाफ कई शिकायतें मिलीं थीं. पीरबहोर थाने की पुलिस ने अपना जाल बिछाया. मासूमों को अपनी हवस का शिकार बनाने वाले इस दरिंदे को गिरफ्तार कर लिया.

गौर से देखिए इस तस्वीर को. दिखने में तो सीधा-साधा युवक लगता है. लेकिन इसके कारनामें शर्मसार कर देने वाले हैं. इसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थीं. मासूम बच्चियों को डरा-धमकाकर उनका यौनशोषण करता था. इसकी हैवानियत की शिकार हुई मासूमों की उम्र महज 4 से 6 साल के बीच की है.

यौन शोषण का आरोपी इरशाद अब पुलिस गिरफ़्त में है. पेशे से ये पलंबर का काम करता है और सुल्‍तानगगंज थाना क्षेत्र के शाहगंज इलाके का रहने वाला है. लेकिन हैवानियत से भरे यौनशोषण की वारदातों को इसने पीरबहोर थाना के तहत कुतुबद्दीन लेन के मल्लिक गली में अंजाम दिया. शनिवार को पीरबहोर थाने की पुलिस टीम ने इरशाद को रंगे हाथ गिरफ्तार किया. उस वक्‍़त भी वो एक मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाने ले जा रहा था.

मुंह दबा करता था मासूमों की पिटाई

पहले वो घर के बाहर खेल रही या फिर सब्‍जीबाग की ओर जा रही अकेली मासूम बच्चियों को अपने झांसे में लेता था. उनसे लगातार बातें करता था. बात करते-करते वो बच्चियों को मल्लिक गली की एक खाली पड़े घर में ले जाता था. जैसे ही वो गलत हरकत शुरू करता था तो बच्चियां चिल्‍लाना शुरू कर देती. मौके पर कोई पहुंच न जाए, इस लिए अपने हाथ से उनके मुंह को दबा दिया करता था और उनकी जमकर पिटाई करता था.

 

डर से बच्चियों ने छोड़ दिया था स्कूल जाना

यौनशोषण करने से पहले इरशाद मारता-पिटता तो था ही, साथ ही उन्‍हें खूब डराता धमकाता भी था. हैवानियत के डर से बच्चियां काफी डरी और सहमी थीं. पीरबहोर थाना पहुंचे पैरेंट्स की मानें तो इरशाद की वजह से उनकी मासूम बेटियां काफी डरी और सहमी थीं. उनके दिलों दिमाग पर डर इस कदर हावी था कि पिछले कई दिनों से सभी ने स्‍कूल जाना छोड़ दिया था. स्‍कूल जाने के नाम से बच्चियां कतराने लगी थीं. सभी के पैरेंट़़स को कुछ समझ में नहीं आ रहा था. जब प्‍यार से पूछना शुरू किया तो सारा मामला सामने आ गया.

सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान

मल्लिक गली के जिस घर में एक-एक कर सभी बच्चियों को इरशाद ने अपना शिकार बनाया था. वो घर बंगाली दादा के नाम से इलाके में मशहूर एक व्‍यक्ति का है. घर के मेन गेट से लेकर सीढि़यों तक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं. इरशाद को इस बात की भनक नहीं थी कि उसकी हरकतें सीसीटीवी में कैद हो रही हैं. पैरेंट्स की मदद से पुलिस ने वीडियो फुटेज को खंगाला. उसमें 12 जुलाई का वीडियो मिल भी मिल गया. जिसमें उसकी हरकतें कैद थीं. इस वीडियो को सभी बच्चियों के पैरेंट्स के साथ ही कई लोगों के बीच बांटा गया. ताकि शातिर की पहचान हो सके.

सिविल ड्रेस में तैनात थे पुलिसकर्मी

इस शातिर को पकड़ने में पीरबहोर थाने की पुलिस टीम का रोल बड़ा इंपॉरटेंट रहा है. शुक्रवार को ही पैरेंट्स ने पीरबहोर थाने के एसएचओ मो. कैसर से मुलाकात कर डिटेल से पूरी वारदात की जानकारी दी. एसएचओ ने अपना क्विक रिस्‍पांस भी दिखाया. शनिवार को सादे लिबास में अपनी टीम को लगा दिया. जैसे ही इरशाद एक बच्‍ची को लेकर घर में घूसा वैसे ही उसे पुलिस टीम और वहां पहले से मौजूद पैरेंट्स ने उसे पकड़ लिया.

11 से 1 की थी इसकी टायमिंग

पुलिस की जांच में एक गजब की बात सामने आई. जिससे पता चला कि इरशाद कितना शातिर है. अपनी हैवानियत के लिए इसने सुबह के 11 बजे से दोपहर 1 बजे का समय फिक्स कर रखा था. चुकि इस दौरान कुतुबद्दीन लेन और मल्लिक गली में सन्‍नाटा हुआ करता था. जिसका ये आराम से फायदा उठाता था. फिर अपने कारनामों को अंजाम दे ये आराम से फरार हो जाता था.

गिरफ्तारी के बाद पटना सेंट्रल के सिटी एसपी चंदन कुशवाहा ने मीडिया को बताय कि घर से बाहर निकली अकेली बच्चियों को इरशाद अपना शिकार बनाता था. पैरेंट्स की कंप्‍लेन मिलते ही कार्रवाई की गई. पहचान कर अपराधी को पकड़ा गया. पोस्‍को एक्‍ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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