BSEB ने उम्र ज्यादा होने के शक में कैंसिल किया रजिस्ट्रेशन, हाई कोर्ट ने कहा गैरकानूनी

पटना (एहतेशाम अहमद) : पटना हाई कोर्ट ने वर्ष 2017 की मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुए करीब चार-पांच सौ छात्रों को बड़ी राहत दी है. हाई कोर्ट ने बोर्ड द्वारा इन छात्रों का अधिक उम्र बताकर उनका रजिस्ट्रेशन रद करने और परीक्षाफल रोके जाने के निर्णय को गैर कानूनी करार देते हुए उक्त आदेश को रद्द कर दिया है.

न्यायाधीश चक्रधारीशरण सिंह की एकलपीठ ने हाजीपुर के पंडित उज्ज्वल मिश्रा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्राचार्य उमेश मिश्रा की ओर से दायर रिट याचिका पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि बिहार बोर्ड द्वारा वैसे छात्रों को केवल इस संदेह के आधार पर कि उनकी आयु, फार्म में लिखी आयु से अधिक है, रजिस्ट्रेशन रद कर दिया गया है. साथ ही उनका परीक्षाफल भी रोक लिया गया है.

Patna-High-Court

हाई कोर्ट से आज यह भी : सीवान व्यवसायी हत्याकांड : मनोज सिंह को बड़ी राहत, गिरफ्तारी पर रोक

याचिका पर अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद परीक्षा समिति की कार्रवाई को गैरकानूनी करार देते हुए उक्त निर्णय को रद  कर दिया. साथ ही साथ अदालत ने बिहार बोर्ड को निर्देश दिया कि यदि उसे छात्रों की आयु को लेकर कोई संदेह है, तो वह मेडिकल टीम गठित कर आयु जांचने हेतु आम सूचना प्रकाशित करे. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मेडिकल टीम के समक्ष जो छात्र अपनी आयु जंचवाने हेतु यदि उपस्थित नहीं होते हैं, वैसे छात्रों के बारे में परीक्षा समिति निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगी.

यह भी पढ़ें –
अब यहां पहुंची राजनीति, निर्भया के रेपिस्टों से तुलना कर बैठे सुशील मोदी, मचा बवाल
CBI छापे के बाद दफ्तर नहीं गए हैं तेजस्वी यादव
भाजपा नहीं, लालू ने तेजस्वी को फंसाया – सुशील मोदी
Exclusive : नीतीश को भाजपा के साथ नहीं जाने देंगे लालू, तेजस्वी संग सभी मंत्री देंगे इस्तीफा!