जापानी टूरिस्ट से गैंगरेप मामले में आरोपियों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, उम्रकैद की सजा बरकरार

पटना (एहतेशाम अहमद) : बिहार के गया जिला में जापानी टूरिस्ट के साथ सामूहिक दुष्कर्म किये जाने के अभियुक्तों को किसी भी प्रकार का राहत देने से पटना हाईकोर्ट ने साफ तौर पर इंकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने इस मामले में निचली अदालत द्वारा दिये गये आजीवन कारावास की सजा को सही ठहराते हुए अपील खारिज कर दी. जस्टिस समरेन्दर प्रताप सिंह एवं जस्टिस अरुण कुमार की खण्डपीठ ने पप्पू कुमार, लिट्टू यादव एव अन्य की ओर से दायर अपील पर 31 जनवरी 2017 को सुनवाई पूरी कर रखे गये सुरक्षित आदेश में गुरुवार को अपना फैसला सुनाया.

गौरतलब है कि जापानी युवती साची नोमूरा बोधगया घूमने आई थी. 16 अप्रैल 2010 की रात को टूरिस्ट के साथ रेप की वारदात हुई थी. युवती उस समय बोधगया से गया रेलवे स्टेशन जा रही था. अमवां गांव के पास एक जगह पर इन अभियुक्तों ने उसके साथ गैंगरेप किया था.

जापानी महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज जयंत कुमार ने पप्पू कुमार, उदय कुमार और अनुज कुमार उर्फ लिट्टू यादव को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. साथ ही साथ अदालत ने सभी दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया था.

इस मामले में पुलिस ने 22 अप्रैल को पप्पू, उदय और अनुज के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था. पांचों ने एक ऑटो रिक्शा से टूरिस्ट को जबरदस्ती उतारने के बाद उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया था. इस बहुचर्चित दुष्कर्म कांड में अदालत ने रिकार्ड एक माह से कम समय में मामले की सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्तों को सजा सुनायी थी. निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अभियुक्तों ने पटना हाई कोर्ट में अपील दायर की थी. जिसपर अदालत ने सुनवाई पूरी करते हुए 31 जनवरी 2017 को अपने आदेश सुरक्षित रख लिया था.