चोरी की बाइक को ठिकाना लगाने का अड्डा बना बेगूसराय का इलाका

पटना: शा​तिर अपराधियों के रडार पर राजधानी पटना है. जो अलग—अलग आपराधिक मामलों को लेकर पटना के अंदर एक्टिव हैं. अपराधियों के एक गैंग के निशाने पर फोर व्हीलर गाड़ियां है तो दूसरे गैंग के निशाने पर टू व्हीलर गा​ड़ियां. राजधानी के अंदर से फोर व्हीलर गाड़ियों को चुराने वाले एक बड़े गैंग का खुलासा राजीव नगर थाने की पुलिस टीम कर चुकी है. बीते दो दिनों में गैंग के सरगाना समेत 6 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

अब कोतवाली थाने की पुलिस टीम के शिकंजे में राजधानी के अंदर से बाइक की चोरी करने वाले एक पेशेवर अपराधियों का गैंग आया है. इस गैंग में शामिल तीन शातिर अपराधियों बख्तियारपुर के रानी सराय का शिव सम्राट, बेगूसराय के पसपुरा का विकास कुमार उर्फ सुखली और चेड़िया बरियारपुर मझौल का चंदन कुमार उर्फ कुट्टू को गिरफ्तार किया गया है. मौर्या कॉम्प्लेक्स से बाइक चोरी करते हुए ये तीनों रंगे हाथ पकड़े गए हैं.

पलक झपकते ही खोलते हैं लॉक

डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर डा. मो. शिब्ली नोमानी के अनुसार बाइक चोरी करने वाले अपराधियों का ये गैंग काफी बड़ा है. बाइक चोरी करने में ये काफी माहिर हैं. इनके पास से एक मास्टर चाभी मिला है. जिससे पलक झपकते ही किसी भी बाइक का लॉक ये खोल देते हैं और फिर उसे लिफ्ट कर फरार हो जाते हैं. कोतवाली थाने की पुलिस टीम ने इन अपराधियों के निशाने पर अलग—अलग जगहों से चोरी कर ठिकाने लगाने के लिए रखे गए बाइक को बरामद किया है. एक बाइक राजेन्द्र नगर टर्मिनल के पास से बरामद किया गया. जबकि एक बाइक बेगूसराय के मटिहानी और एक बाइक मझौल से बरामद किया गया.

अकेले कोतवाली थाने में दर्ज हैं 13 मामले

बेगूसराय का इलाका चोरी की बाइक को ठिकाने लगाने का अड्डा बना चुका था. पटना से बाइक की चोरी करने के बाद अपराधी उसे बेगूसराय लेकर चले जाते थे. बाइक का नंबर बदल उसे अच्छे दामों में बेच देते थे. खरीदने वाले को भी ये अच्छे से पता होता था कि बाइक चोरी की है. इस लिए आसपास के इलाकों में ही बाइक को यूज किया जाता है. गैंग में शामिल अपराधियों को हर एक बाइक की चोरी पर 5 हजार रुपए दिए जाते हैं. डीएसपी के अनुसार पकड़े गए तीनों अपराधियों को अगमकुआं थाने की पुलिस ने इसी साल अप्रैल महीने में बाइक चोरी करते हुए गिरफ्तार किया था. जेल से छुटकर आने के बाद फिर से तीनों उसी बाइक चोरी करने में लग गए. तीनों ने सिर्फ पटना में बाइक चोरी के करीब 19 मामलों में अपनी संलिप्ता कबूल की है. अकेले कोतवाली थाने में 13 एफआईआर दर्ज हैं.