दीवार बन टूट के प्रभाव को रोके खड़े थे प्रभाकर, अब बिहार-झारखंड के एडिटर बने

PRABHAKAR

पटना : बिहार की मीडिया में प्रभाकर कुमार को सभी जानते हैं. कोई एक दशक से सीएनएन-आईबीएन से जुड़े हैं. कई बड़ी स्‍टोरीज उनके नाम हैं. नेटवर्क 18 के बिहार प्रमुख हैं. पहले ईटीवी बिहार-झारखंड  से सीधा वास्‍ता नहीं था. लेकिन समूह कंपनी से जब जगदीश चंद्रा अलग हुए,तो ऐसा लगा कि ईटीवी बिखर ही जाएगा. पूरे देश में टीम टूटने लगी. तब कुमार प्रबोध बिहार में ईटीवी के संपादक थे.

जगदीश चंद्रा का आपरेशन बिहार में स्‍टार्ट हुआ. कुमार प्रबोध को उन्‍होंने अपने साथ कर लिया. वे जी पुरवइया में चले गये. फिर ऐसा लगा कि ईटीवी बिहार-झारखंड की पूरी टीम बिखर जाएगी. राहुल जोशी और राजेश रैना पटना में बैठे थे,पर टीम टूट रही थी. तब दीवार की तरह खड़े हुए प्रभाकर कुमार. दोहरा दायित्‍व था. बराबरी से मजबूत टीम को खड़ा करना और खबरों की धार में ईटीवी बिहार-झारखंड को कमजोर नहीं पड़ने देना.

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अब प्रभाकर कुमार ने सीएनएन-आईबीएन के साथ-साथ ईटीवी को भी वक्‍त देना प्रारंभ किया. जगदीश चंद्रा ने जितने लोगों को तोड़ा,प्रभाकर भी जी पुरवइया से टीम को तोड़ ले आए. आगे खबरों में आगे रहने की लड़ाई शुरु हुई. मीडिया में यह रोज की प्रतिस्‍पर्द्धा होती है. कभी कोई आगे तो कभी कोई.

ईटीवी बिहार-झारखंड जब फिर से अपनी लय में है,तो नेटवर्क 18 ने प्रभाकर कुमार को निष्‍ठा का परिणाम दे दिया है. वे नेटवर्क 18 के पूरे बिहार के आरपेशंस के हेड होने के साथ-साथ ईटीवी बिहार-झारखंड के संपादक भी बना दिये गये हैं.

यह घोषणा राहुल जोशी और राजेश रैना की ओर से की गई है.