जानिए, मीठापुर सब्जी मंडी में क्या है टमाटर का रुतबा, Live Cities की लाइव रपट…

लाइव सिटीज डेस्क : इसे बरसाती मौसम की मार का असर कहें या फिर जीएसटी का. बाजार में लगभग हर सब्जी का भाव आसमान छूने की ओर बढ़ चला है. जिस तरह जीएसटी आने के बाद विपक्ष का चेहरा लाल है, कुछ वही हाल उन ग्राहकों का भी है, जो टमाटर खरीदने की हिम्मत जुटा रहे हैं. टमाटर के भाव और उसके रुतबे में अचानक हुई बढ़ोत्तरी के बारे में जानने के लिए लाइव सिटीज के लिए अलका और शाम्भवी ने मीठापुर सब्जी मंडी में जाकर  पड़ताल की.

अगर सब्जी का राजा आलू है तो टमाटर की हैसियत भी किचन में गृहमंत्री से कम नहीं है. कभी दो और पांच रुपये किलो के भाव बिकने वाला टमाटर महज एक हफ्ते में ही सौ रुपये तक जा पहुंचा है.

भाव में अचानक आए इस उछाल से गृहणियों के साथ ही दुकानदार भी परेशान हो गए हैं. ग्राहक दुकान पर आते हैं, टमाटर देखते हैं, ललचाते भी हैं, लेकिन टमाटर के रुतबे को अफोर्ड करना उनकी जेब से बाहर की बात होती है तो मन मसोसकर चले भी जाते हैं. ग्राहक की इस बेरुखी से दुकानदार भी बेहद परेशान हैं.


टमाटर के भाव में अचानक आए इस बूम के बारे में सब्जी दुकानदार रज्जाक अली बताते हैं कि बरसात के कारण टमाटर अब टिकाऊ नहीं रह गया है. जल्दी सड़ जाता है. इसलिए उसका रखरखाव भी महंगा पड़ रहा है. दूसरा कारण यह भी है कि टमाटर की खेती बिहार में बेहद कम क्षेत्रफल में होती है. टमाटर दूसरे राज्यों से आने के कारण भी उसकी कीमतों में बेतहाशा उछाल आया है. दुकान पर ग्राहक आते हैं और सिर्फ भाव पूछकर हट जाते हैं, लोग टमाटर को हाथ लगाने से भी डर रहे हैं. ये हालात 15 दिन से पहले सुधरने वाले भी नहीं हैं.


वहीं बाजार में आई कई महिलाएं भी टमाटर की कमी से बेहद परेशान दिखीं. उन्होंने बताया कि टमाटर न ले जाओ तो बच्चे सब्जी पसंद नहीं करते हैं, लेकिन अगर टमाटर खरीदेंगे तो घर का बजट बुरी तरह से हिल जाएगा. उम्मीद है कि ये हालात जल्द सुधरें और थाली टमाटर के स्वाद से फिर से गुलजार हो जाए.

देखें वीडियो भी…