साल के अन्त तक तैयार हो जाएगा आरा-छपरा गंगा पुल

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पटना : सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक आरा-छपरा पुल का निर्माण कार्य 2017 तक पूरा हो जाएगा. यह पुल 86 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणधीन है. पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) चमन प्रकाश सिन्हा ने यह जानकारी दी है. उनके मुताबिक इस पुल के निर्माण से गंगा आर-पार की संस्कृतियों का समन्वयन होने से यह सशक्त होगी.

महासेतु के कुल 52 स्पैन में 2 स्पैन 50 मीटर लम्बाई, 35 स्पैन 60 मीटर लम्बाई तथा नेवीगेशन चैनल में 15 एक्सट्राडोज्ड स्पैन 120 मीटर लंबाई के है. यह भारत का सबसे लंबा 4-लेन एक्स्ट्राडोज्ड महासेतु है. पुल भाग की लंबाई 4 किमी है. गंगा पर बन रहे आरा-छपरा के बीच नए पुल पर आवाजाही जून महीने से शुरू हो जाएगी. इसी के साथ उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले गांधी सेतु का विकल्प खुल जाएगा.

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फाइल फोटो

आरा की ओर 16.1 किलोमीटर लंबा एप्रोच रोड है. छपरा की ओर 0.90 मिलोमीटर लंबा एप्रोच रोड है. एप्रोच रोड के स्ट्रेच में थोड़ा वक्त लगेगा. हालांकि पुल के एप्रोच रोड को लेकर थोड़ी परेशानी अभी भी है लेकिन पुल निर्माण निगम को उम्मीद है कि बाधाएं दूर हो जाएंगी तथा जून, 2017 तक पुल पर आवागमन चालू हो जाएगा.

इस पुल के तैयार हो जाने से शाहाबाद और मगध इलाके से उत्तर बिहार जाना बहुत आसान हो जाएगा. दक्षिण बिहार के दर्जन भर जिले पटना गये बिना ही इस पुल के माध्यम से छपरा या उत्तर बिहार के कई दूसरे शहर पहुंच जाएगे. आरा, औरंगाबाद और भभुआ की दूरी सीवान, छपरा और गोपालगंज से कम हो जाएगी आरा से छपरा जाने के लिए अभी 120 किमी दूरी तय करनी पड़ती है, लेकिन पुल बन जाने से मात्र 20 किमी की दूरी तय करनी होगी.

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