मैथिली की जीत के लिए बड़ा रिस्‍क लिया था मदन मोहन झा ने  

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पटना : गायन के क्षेत्र में मिथिला और बिहार का मान बढ़ाती मैथिली ठाकुर का सम्‍मान आज बुधवार को पटना में राजस्‍व व भूमि सुधार मंत्री डा. मदन मोहन झा ने किया . शुभकामनाएं भी दीं . मैथिली मधुबनी से दिल्‍ली लौटने के पहले डा. झा से मिलने उनके सरकारी आवास पर पहुंची थी .

कलर्स टीवी पर हाल में ही संपन्‍न ‘राइजिंग स्‍टार’ कंपीटिशन की मैथिली ठाकुर फर्स्‍ट रनर अप रही . वह मात्र एक फीसदी वोट से हारी . लेकिन मिथिला और बिहार ने मैथिली की हार को भी जीत के रुप में देखा है . मैथिली की सुरमयी अंदाज की चर्चा आज मिथिला के घर-घर में है . मैथिली के पिता बचपन में ही उसे आगे पढ़ाने को लेकर दिल्‍ली चले गये थे . वह भविष्‍य में प्‍लेबैक सिंगर तो बनेगी ही,साथ में आईएएस भी बनना है .

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मैथिली की पॉपुलारिटी कितनी बढ़ी है,यह तब देखा गया जब वह मंत्री डा. झा के सरकारी बंगले पर थी . कइयों को उसके आने की खबर थी . बात करने को बंगलोर व दूसरे शहरों से वीडियो काल आ रहे थे . मौजूद सभी सेल्‍फी लेना चाहते थे . मैथिली ने बताया कि वह मधुबनी गई,तो पता चला कि उसे चाहने वाले कितने लोग हैं . सबों ने दिल से प्‍यार किया . नेपाल में तो लोग मुझे देख रोने लगे . कह रहे थे,तुम हारी नहीं,जीती हो मैथिली .

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मदन मोहन झा ने भी अपने अनुभव सुनाये . कहा कि जब कंपीटिशन चल रहा था,तब उनके घर में भी लोग टीवी से लगातार चिपके थे . टेलीकास्‍ट के वक्‍त कोई भी कुछ सुनने को तैयार नहीं था . मिथिला में भी लोग फोन पर कहते कि सर अभी मैथिली का कार्यक्रम चल रहा है,जीत दिलानी है,वोट कर रहे हैं . उन्‍होंने बताया कि मिथिला का मैथिली के प्रति इस उत्‍साह को देख वे भी कार्यक्रम देखने लगे थे . अद्भूत परफार्मेंस था मैथिली का .

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उन्‍होंने मिथिला के मन की बात बताई . कहा कि वोटिंग के लिए इंटरनेट जरुरी था . तभी प्रशासनिक कारणों से किसी दिन मधुबनी में इंटरनेट सेवाएं रोकी गईं थीं . मधुबनी के कोने-कोने से फोन आने लगा . सभी दुखी थे – कह रहे थे कि कुछ कीजिए,वरना मैथिली हार जाएगी . हमने मधुबनी के जिला प्रशासन को कहा कि सभी दायित्‍व ग्रहण करने को मैं तैयार हूं,सेवा तुरंत बहाल कीजिए . उन्‍होंने चीफ सेक्रेट्री का हवाला दिया . हमने कहा-कुछ नहीं,जो भी होगा,वह मेरे मत्‍थे लिख दीजिएगा,पर अभी मैथिली को वोट देने के लिए सेवा बहाल करना ही होगा . फिर सेवा बहाल हुई . जब मैं इस प्रयास में लगा था, तो पटना में हमारे घर के बच्‍चे भी कह रहे थे कि यह बहुत सही काम आपने किया है .

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