…और पटना हाई कोर्ट में गिड़गिड़ाने लगे रोहतास के DPO

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पटना हाई कोर्ट

पटना (एहतेशाम अहमद) : अदालती आदेश का अनुपालन नहीं किये जाने से नाराज पटना उच्च न्यायालय ने रोहतास के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को जबर्दस्त डांट पिलाते हुए 26 जुलाई तक हर हाल में अदालती आदेश का अनुपालन कर अदालत में सदेह उपस्थित होकर जवाब देने का निर्देश दिया है. जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने दिलीप कुमार एवं अन्य की ओर से दायर मामले में बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

गौरतलब है कि रोहतास के जिलाधिकारी द्वारा पूर्व की सुनवाई में अदालत में यह अंडरटेकिंग दिया गया था कि वह याचिकाकर्ताओं को प्रमोशन दे देंगे. बावजूद इसके आज तक अदालती आदेश का अनुपालन नहीं किया गया. जिसपर अदालत ने 12 जुलाई की सुनवाई में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, रोहतास को तलब किया था. बुधवार को सुनवाई के क्रम में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अदालत में उपस्थित हुए. मामले में अदालत ने सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी से पूछा कि क्यों नहीं आपको जेल भेज दिया जाय. जिसपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी गिड़गिड़ाने लगे. अदालत ने उन्हें एक और मौका देते हुए 26 जुलाई तक की मोहलत प्रदान करते हुए अदालती आदेश का अनुपालन कर अगली सुनवाई में पुनः उपस्थित होने का निर्देश दिया.

प्रभुनाथ सिंह की ओर से दायर चुनाव याचिका पर सुनवाई

महाराजगंज के पूर्व राजद सांसद प्रभुनाथ सिंह की ओर से दायर चुनाव याचिका पर पटना हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. न्यायाधीश मुंगेश्वर साहू के एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल की ओर से मामले के तकनीकी पहलुओं पर अपना पक्ष रखा गया. गौरतलब है कि याचिकाकर्ता ने पिछले लोकसभा चुनाव में भरे गये नामांकन पत्र में सिग्रीवाल द्वारा आपराधिक एवं अन्य मामलो को छुपाने का आरोप लगाते हुए उनके निर्वाचन को खारिज करने की गुहार लगायी थी.

जेपी यूनिवर्सिटी मामले में निगरानी के विशेष न्यायाधीश को कारण बताओ नोटिस

छपरा स्थित जेपी विश्वविद्यालय के संबद्ध काॅलेजों में वित्तीय घोटाला मामले में मुजफ्फरपुर के विशेष निगरानी अदालत के न्यायाधीश के विरूद्ध कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. अदालत द्वारा अभियुक्तों के विरूद्ध गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किये के मामले में एक सप्ताह के भीतर जवाब देने के निर्देश के बावजूद जवाब नहीं दिये जाने से नाराज पटना उच्च न्यायालय ने उन्हें नोटिस जारी किया है. नोटिस में पूछा गया है कि 26 जुलाई तक वह यह बतायें कि हाईकोर्ट के आदेश की काॅपी मिल जाने के बावजूद अभी तक जवाब क्यों नहीं दिया गया. साथ ही साथ अदालत ने मुजफ्फरपुर के जिला न्यायाधीश को भी निर्देश दिया कि वे अलग से इस मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट 26 जुलाई को अदालत में प्रस्तुत करें.

जस्टिस अजय कुमार त्रिपाठी एवं जस्टिस एस. कुमार की खण्डपीठ ने श्रीधर दास की ओर से दायर याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया. गौरतलब है कि छपरा स्थित जेपी विवि के संबंद्ध काॅलेजों में वित्तीय अनियमितता मामले में सूबे के पूर्व मंत्री, सांसद, विधायक की संलिप्तता के बाद इन्हें अभियुक्त बनाया गया था. परंतु छह माह पूर्व ही निगरानी विभाग द्वारा मामले में संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु निगरानी की विशेष अदालत में आवेदन दिये जाने के बावूद भी गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया गया था. जिसपर हाईकोर्ट की खण्डपीठ ने गत 12 जुलाई को मामले की सुनवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर विशेष न्यायालय से इस सम्बंध में यह जानकारी देने का निर्देश दिया गया था कि आखिर किस कारण से गिरफ्तारी वारंट जारी नहीं किया गया.

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