फर्जी टॉपर देनेवाले भाजपा नेता के प्रिंसिपल बेटे की होगी गिरफ्तारी

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पटना : लाइव सिटीज की हर पड़ताल हर कसौटी पर सही साबित हुई. फर्जीवाड़े की आहट देते हुए उम्र के झोल का खुलासा भी सबसे पहले लाइव सिटीज की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम ने नतीजे की रात 30 मई को कर दिया था. अब रिजल्ट रद होंबे और गणेश की गिरफ्तारी के बाद समस्तीपुर के चकहबीब के रामनंदन सिंह जगदीश नारायण इंटर स्कूल के प्रभारी प्राचार्य अभितेंद्र की गिरफ्तारी भी तय हो गई है. अभितेंद्र के पिता भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और समस्तीपुर के कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी टिकट पर 1985 और 1990 में चुनाव लड़ चुके हैं.

बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में कोई भी कसूरवार बचने नहीं जा रहा. स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कानून ने अपना काम शुरु कर दिया है. स्कूल की सम्बद्धता रद कर दी गई है. चकहबीब के स्कूल के साथ शिवाजी नगर का संजय गांधी हाई स्कूल भी जांच की जद में है, जहाँ से 2015 में गणेश ने मैट्रिक की परीक्षा पास की थी. वैसे बोर्ड अब भी अपने बचाव में उत्तर पुस्तिकाओं के सही होने की बात कर रहा है.

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लाइव सिटीज ने ही देश-दुनिया को सबसे पहले बताया कि समस्तीपुर के चकहबीब का रामनंदन सिंह जगदीश नारायण इंटर स्कूल परीक्षा पास कराने की फर्जी फैक्ट्री है. इस स्कूल की स्थापना 2011 में हुई थी. बगैर किसी संसाधन को जांचे इस स्कूल को 2013 में बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन प्रो. राजमणि सिंह ने सम्बद्धता प्रदान कर दी थी.

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बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड ने आज शुक्रवार को लाइव सिटीज की जांच को माना. उम्र पर संदेह सबसे पहले किया गया था. गणेश की वास्तविक उम्र 42 साल निकली है. वह दो बच्चों का पिता है. बताया जाता है कि उसने पहली बार 1990 में ही मैट्रिक की परीक्षा पास कर ली थी. फिर उम्र घटाकर सरकारी नौकरी पाने को फर्जीवाड़ा कर 2015 और 2017 में परीक्षा दी.

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लाइव सिटीज की जांच के मुताबिक़ ही यह स्पष्ट हो गया है कि स्कूल के प्रबंधन को सभी गड़बड़झाले की जानकारी थी. गणेश का वास्तविक उम्र पता था. वह क्लास करने को नियमित नहीं आता था. दाखिले के एजेंटों ने उसे चकहबीब के इस स्कूल तक पहुंचाया था. जालसाजी की हर साजिश में स्कूल शामिल रहा, जिसका पर्दाफाश सबसे पहले लाइव सिटीज ने किया और अब असर पूरी दुनिया देख रही है.

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