BREAKING : नालंदा में दलित को थूक चटवाने वाला सरपंच धर्मेंद्र यादव अरेस्ट

नालंदा : गत दीपावली के दिन जिले के नूरसराय में सामने आई बुजुर्ग को थूक चटवाने की घटना में आज पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.नालंदा पुलिस ने आज मंगलवार को मामले के मुख्य आरोपी धर्मेंद्र यादव को अरेस्ट कर लिया है. धर्मेंद्र यादव की गिरफ्तारी के साथ ही इस शर्मनाक मामले में कुल 6 लोग अबतक पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं.

मिली जानकारी के अनुसार नालंदा के एसपी सुधीर कुमार पोरिका ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि कर दी है. उन्होंने बताया कि मामले में आरोपियों की तलाश जारी थी. इस क्रम में आज पुलिस को यह सफलता हाथ लगी है. हालांकि मामले में एक और अभियुक्त अजयपुर पंचायत का मुखिया दयानंद मांझी अब भी पुलिस की पकड़ में नहीं आ सका है. उक्त मुखिया को फरार बताया जा रहा है.

बता दें कि दीपावली के अगले दिन इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद हंगामा मच गया था. महेश ठाकुर नाम के पीड़ित शख्स का कसूर बस इतना था कि वह बिना दरवाजा खटखटाए दबंग सरपंच के घर में चला गया था. वहां वो कथित तौर पर खैनी मांगने गया था. इस घटना के अगले दिन दोपहर को पंचायत बुलाई गई. पंचायत में तालिबानी फरमान जारी करते हुए पहले थूक चाटने की सजा सुनाई गई. दबंगों के भय से पीड़ित ने जमीन पर थूक फेंककर चाट लिया. फिर पीड़ित को महिलाओं द्वारा चप्पल से पिटवाया गया.

पुलिस की मानें तो सजा 25 चप्पल मारने की दी गई थी. लेकिन बाद में घटा कर इसे 5 चप्पल कर दिया गया था. नालंदा डीएम ने एसडीओ सुधीर कुमार को मौके पर घटना की विस्तृत जानकारी लेने को भेजा. जिसमें पीड़ित ने यह कन्फर्म किया कि वह बिना दरवाजा खटखटाए सरपंच के घर घुस आया था. बता दें कि पीड़ित नाई समुदाय से आता है.

इस मामले में बिहार सरकार के मंत्री नंदकिशोर यादव ने भी तीखी आलोचना करते हुए कहा था कि इस तरह की घटना को किसी भी कीमत पर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा. आरोपी के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी. हालांकि सरपंच के परिजनों का आरोप है कि महेश ठाकुर गंदी नीयत से घर में घुसा था.