‘दलितों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं, दिल्ली आयें मुख्य सचिव समेत रोहतास के डीएम-एसपी’

पटना (नियाज़ आलम) : रोहतास जिले के कोचस थाना अंतर्गत परसिया गांव में दो दलित भाईयों की पीट-पीटकर हुई हत्या के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. राज्य में एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार में दलितों के साथ अत्याचार और भेदभाव के मामलों की समीक्षा करने पटना पहुंचे आयोग के सदस्य योगेन्द्र पासवान ने रोहतास के मामले में सरकार और प्रशासन की कार्रवाई पर असंतोष जताया है.

उन्होंने कहा कि भीड़ द्वारा दो भाईयों राहू मुसहर और बब्बन मुसहर की हत्या कर दी गई और इस मामले में अब तक उचित कार्रवाई नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई के नाम पर केवल पीड़ित परिवार को 4 लाख 12 हजार 500 रूपये मुआवज़ा मिला है, लेकिन प्रावधान के अनुसार न तो मृतक के परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी की बात कही गई है, न परिवार को विधवा पेंशन सुनिश्चित किया गया है. न ही उन्हें तीन महीने का राशन दिया गया है. इतना ही नहीं, अब तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी भी नहीं की गई है.

उन्होंने कहा कि सरकार सबसे पहले इस मामले में गिरफ्तारी सुनिश्चित करे. उन्होंने कहा कि इस मामले में जब गृह विभाग के प्रधान सचिव 13 जुलाई को दिल्ली गए थे, तब उन्होंने कहा कि इस मामले में कार्रवाई मुख्यालय की देखरेख में आईजी कमजोर वर्ग करेंगे. पासवान ने कहा कि अब तक कार्रवाई नहीं होने के कारण आगामी 10 अगस्त को मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (गृह), आईजी (कमजोर वर्ग) समेत रोहतास के डीएम व एसपी को दिल्ली स्थित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तलब किया गया है.

योगेन्द्र पासवान ने कहा कि पीड़ित परिवार को मुआवजा दे दिया गया है लेकिन आयोग को प्राथमिकता पीड़ितों को केवल मुआवजा दिलाना नहीं, बल्कि उनके दोषियों को सजा दिलाना है.

बता दें कि कोचस पुलिस थाने के अंतर्गत आने वाले गांव परसिया में 28 जून की मध्यरात्रि के समय एक किसान के घर में कथित तौर पर घुसते पकड़े गए राहू मुसहर और बब्बन मुसहर को भीड़ ने जमकर पीटा था. इसके बाद इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई. राहू (33) और बब्बन (31) परसिया गांव से 20 किमी दूर पगरी गांव के रहने वाले थे.

दलितों के मामले में हुई लापरवाही तो नपेंगे अधिकारी

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य योगेन्द्र पासवान ने साफ किया है कि दलितों पर अत्याचार के मामले में आयोग गंभीर है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में जो भी अधिकारी लापरवाही करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. योगेन्द्र पासवान ने सख्त लहजे में कहा है कि दलितों के साथ अत्याचार व अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आयोग दलितों के मामले में कृतसंकल्पित है और लापरवाही करने वाला कोई भी अधिकारी आयोग से बच नहीं सकता.

इसके साथ ही पासवान ने बताया कि उन्होंने बिहार आकर बीते 31 जुलाई से अबतक राज्य में दलितों के खिलाफ हुए अत्याचार के मामले में समीक्षा बैठक की. उन्होंने बताया कि इस दौरान मन्दिर में जाने से रोकने, दुष्कर्म और हत्या समेत मुजफ्फरपुर के चार मामलों तथा सारण के 10 मामलों का संज्ञान लिया गया. इस दौरान जिले के डीएम और एसपी को भी तलब कर उन्हें कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. इसमें सारण के नौ मामले पुराने हैं जबकि एक ताजा मामले में एक दलित महिला के साथ हुई मारपीट में एससी एक्ट नहीं लगाया गया था. उन्होंने बताया कि आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया तो प्रशासन ने न्यायालय में शुद्धिपत्र दाखिल कराया है.