‘अधिकार ही नहीं बल्कि सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सजग है शिक्षक संघ’

पटना : बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ एकमात्र ऐसा संगठन है जो शिक्षकों के अधिकार की लड़ाई ही नहीं लड़ता बल्कि समाज के प्रति भी अपने उत्तरदायित्वों के निर्वहन में भी हमेशा अग्रणी रहा है. चाहे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हो, मेधा का सम्मान या आपदा की घड़ी हो सबमें अपनी सहभागिता, अनुभवों व अपने सामर्थ्य को बांटता है. ये बातें रविवार को बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष केदार नाथ पांडेय, एमएलसी ने एकदिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन संबोधन में कही. उन्होंने कहा कि इसके लिए बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ की विभिन्न इकाईयां यथा शैक्षणिक परिषद, मूल्यांकन परिषद्, छात्र कल्याण कोष आदि काम करती हैं.

बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के मूल्यांकन परिषद् द्वारा संघ के सभागार में रविवार को आगामी वार्षिक मैट्रिक परीक्षा, 2018 से पूर्व राज्य के माध्यमिक विद्यालयों में 27 नवंबर से आयोजित होने वाली जांच परीक्षा को लेकर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था. इस कार्यशाला में राज्य के विभिन्न जिलों से 60 से अधिक विषय विशेषज्ञ शिक्षकों ने भाग लिया.

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए मूल्यांकन परिषद के सचिव डॉ. देववंश सिंह ने कार्यशाला के आयोजन व उद्देश्यों के बारे में विस्तार से बताया. साथ ही साथ आगामी वर्ष 2018 में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित होने वाली मैट्रिक परीक्षा के पैटर्नों से भी अवगत कराया.

विषय विशेषज्ञों की अलग-अलग टीमों ने जांच परीक्षा के विषयों जैसे अग्रेंजी, सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, मातृभाषा (हिन्दी, उर्दू, बांग्ला एवं मैथिली), द्वितीय भारतीय भाषा (संस्कृत, अरबी, फारसी एवं भोजपुरी), ऐच्छिक विषय (उच्च गणित, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, गृह विज्ञान, संगीत एवं ललितकला) के प्रश्न पत्रों का मॉडरेशन किया.

संघ के प्रेस प्रबंधक वामेश्वर शर्मा ने बताया कि जांच परीक्षा से पूर्व राज्य के सभी माध्यमिक विद्यालयों में निर्धारित संख्या में प्रश्न पत्रों की आपूर्ति करा दी जायेगी. कार्यशाला में प्रमुख रूप से प्राच्य प्रभा के प्रधान संपादक विजय कुमार सिंह, पटना प्रमंडल माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव चंद्रकिशोर कुमार, पटना जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मुख्तार सिंह, पटना माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव सुधीर कुमार ने भी अपना विचार रखा.