शरद यादव के घर लगने लगा है राजद नेताओं का जमावड़ा

लाइव सिटीज डेस्क : बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद लगभग हर राजनेता ने अपने पत्ते खोल दिए हैं. लेकिन एक शरद यादव ही हैं जो अभी तक मौन हैं. उनके रुख को लेकर अनिश्चितता की स्थिति बरकरार है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव उन्हें सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ लड़ने के लिए न्यौता दे चुके हैं. दिल्ली में उनके घर पर विपक्षी नेताओं का जमघट लग रहा है. पहले सीताराम येचुरी इसके बाद रघुवंश प्रसाद सिंह और मनोज झा उनसे मुलाकात कर चुके हैं. लेकिन शरद यादव क्या सोच रहे हैं? उनके बारे में दूसरे तो बोल रहे हैं, लेकिन शरद यादव अभी भी खामोश हैं.

बता दें कि महागठबंधन टूटते ही शरद यादव को अपना दोस्त बताने वाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद लगातार शरद यादव को पटना आने की बात कह रहे थे. गुरुवार दोपहर उन्होंने शरद यादव के 8 अगस्त को पटना आने की घोषणा की थी. लेकिन अब सूत्रों के हवाले से खबर है कि शरद यादव 8 अगस्त को पटना नहीं आ रहे हैं. वह 17 अगस्त को दिल्ली में ही रहकर साझी विरासत कार्यक्रम में शामिल होंगे. वह राजद के कार्यक्रम में भी शामिल हो सकते हैं.

इस बीच चर्चाएं यह भी उठी थीं कि शरद यादव अलग पार्टी बनाने के बारे में विचार कर रहे हैं. इस बारे में उनके करीबी विजय वर्मा ने संकेत भी दिए थे. लेकिन शरद यादव ने इन अटकलों को सिरे से खारिज किया है. शरद यादव ने सिर्फ इतना कहा कि विजय वर्मा वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन पार्टी बनाने का अभी कोई इरादा नहीं है. अलबत्ता शरद यादव प्रवक्ताओं के बयान से जरूर आहत हैं.

बता दें कि शरद यादव जिस जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कई सालों तक कद्दावर नेता रहे हैं. उसी जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा था कि शरद यादव ने अपनी राहें बदल ली हैं. वे स्वतंत्र हैं. उन्हें क्या करना है वे खुद तय कर लें.शरद यादव के लिए भ्रष्टाचार शिष्टाचार कैसे बन गया. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें नीतीश कुमार से दिक्कत है या नीतीश कुमार उनके लिए चुनौती हैं तो फिर सम्मलेन दिल्ली में क्यों कर रहे हैं?


इस पूरी हलचल के बीच चौंकाने वाली बातें और भी हैं. शरद यादव को पटना में 19 अगस्त को होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का न्यौता अभी तक नहीं दिया गया है. उन्हें कोई आधिकारिक सूचना भी नहीं दी गई है. ऐसे में अटकलों का बाजार गर्म है कि शरद यादव के मन में क्या है? वह लालू प्रसाद के साथ जाना चाहते हैं या फिर खुद हाशिए पर जाना चाहते हैं. बातें तभी साफ होंगी ​जब खुद शरद यादव कोई बयान देकर अपनी मंशा साफ करेंगे.