दोषी कौनः गंगा बेचारी कहे किससे ये बात रोते-रोते…

लाइव सिटीज डेस्क/पटनाः पटना पुलिस ने जाने-अनजाने में शनिवार को एक पाप कर डाला. राजधानी में जब्त की गयी 20 हज़ार लीटर शराब गंगा मां के आंचल में फेंक दी गयी. एक्साइज अफसरों और पटना पुलिस का यह कृत्य सीएम की स्वच्छ छवि को भी मैला करेगा. वहीं गंगा में हजारों लीटर शराब फेंके जाने से जलीय प्राणी डॉल्फिन को भी खतरा है.

मालूम हो कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गंगा की अविरलता और पवित्रता पर केंद्र की मोदी सरकार से सीधी टक्कर ले रहे हैं. ऐसे में धर्मावलंबी इसे मुद्दा बना ले तो सरकार के लिए एक और परेशानी बढ़ जायेगी. उधर बिहार में गंगा बचाओ अभियान के संस्थापक विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा ने इसे गलत करार दिया और कहा कि इसके खिलाफ वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में शिकायत करेंगे और जरूरत पड़ेगी तो पटना हाईकोर्ट में भी याचिका दायर करेंगे.

हिंदुओं के लिए गंगा मोक्षदायिनी है, तो पूरी दुनिया के लिए गंगा जल पवित्रता का प्रतीक. रिसर्च में यह साबित हो चुका है कि गंगा के पानी में ऐसे तत्व हैं जो बैक्टीरिया को फटकने नहीं देते. केंद्र सरकार इसीलिए हरिद्वार से कोलकाता तक गंगा सफाई अभियान चला रही है.

इस अभियान का आगाज पटना में भी होना है, लेकिन पटना की सरकारी मशीनरी ने आज इस पर तुषारापात कर दिया. जहरीली शराब गंगा में डॉलफिन को भी नुकसान पहुंचाएगी. सवालों के घेरे में बिहार प्रदूषण पर्षद भी आएगी. आखिर उसने यह सब कैसे होने दिया…?

गौरतलब है कि गंगा भारतीय जनमानस ही नहीं, बल्कि स्वयं भारतीयता की आस्था का जीवंत प्रतीक है. देश की सबसे लंबी यह नदी भारत के 11 राज्यों में भारत की आबादी के 40 परसेंट लोगों को पानी उपलब्ध कराती है. दुनिया की छठी सबसे प्रदूषित नदी की स्वच्छता के लिए केंद्र से लेकर राज्य तक की सरकारें कृतसंकल्पित हैं.

खास बात कि केंद्र ने तो इसकी स्वच्छता के लिए नमामि गंगा अभियान चला रखा है. बिहार में खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कई बार मीटिंग में सवाल उठा रखा है. ऐसे में शनिवार को पटना सिटी में जिस तरह गंगा में हजारों लीटर शराब जाने अनजाने में बहा दिया गया, उसके लिए कौन कौन दोषी हैं, अगर दोषी हैं तो उन पर क्या कार्रवाई होगी.

बता दें कि शनिवार को पटना सिटी के डीएसपी हरिमोहन शुक्ला और फतुहा डीएसपी अनोज कुमार के नेतृत्व में शराब माफियाओं और धंधेबाजों के खिलाफ व्यापक छापेमारी अभियान चलाया गया.

सूत्रों की मानें तो 50 हजार लीटर से अधिक शराब बरामद की गयी. इसमें बड़े बड़े गैलन में गंगा किनारे रखी शराब भी पकड़ी गयी थी. इसमें लगभग 20 हजार लीटर शराब को ढोकर दूसरे स्थान पर ले जाने से बचने के लिए गंगा में ही बहा दिया गया. इसे लेकर अब पुलिस व प्रशासन के लोग बच रहे हैं.

गुड्डू बाबा(आरटीआई एक्टिविस्ट)
गुड्डू बाबा(आरटीआई एक्टिविस्ट)

उधर बिहार के फेमस आरटीआई एक्टिविस्ट व गंगा बचाओ अभियान के संस्थापक विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा ने शराब को गंगा में बहाने के मुद्दे को काफी गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषित करना कानूनन अपराध है. इस तरह कृत्य प्रशासन ने किया है तो यह काफी गलत काम है.

उन्होंने कहा कि गंगा को प्रदूषित करने के मामले में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम की धारा 1985 15 ए के तहत दोषियों को सजा देने का प्रावधान है. इसके तहत आरोप सिद्ध होने पर पांच साल की कैद व एक लाख तक जुर्माना हो सकता है. उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में ही करेंगे.

ट्रिब्यूनल की ओर से पूरे देश में गंगा की मॉनिटरिंग की जा रही है. किसी भी स्थिति में इसे कोई गंदा नहीं कर सकता है. उन्होंने कहा कि गंगा में हजारों लीटर शराब फेंके जाने से डॉल्फिन को भी खतरा है.

यहां देखें वीडियो-

https://www.youtube.com/watch?v=Ty_108bh8uk&feature=youtu.be

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