जानिये क्या हुआ मधुबनी में, जब 24 घंटे के लिए गायब हो गया Internet…!

फुलपरास (बीरेन्द्र दत्त) : इंटरनेट और सोशल मीडिया के अगर फायदे हैं तो कई नुकसान भी हैं. इस वक्त इंसान एक दिन खाना भले ही न खाए लेकिन इंटरनेट से आधा घंटा दूर रहने की कल्पना भी बेचैन कर देती है. लेकिन मधुबनी में गुरुवार की शाम से लेकर शुक्रवार को पूरे दिन और फिर रात भर इंटरनेट गायब था. मोबाइल में 2जी से लेकर 3जी और 4 जी सभी तरह के नेटवर्क गायब थे. इंटरनेेट प्रदाता कंपनियों से संपर्क करने पर इसे प्रशासनिक स्तर पर दिये गए निर्देशों का अनुपालन बताया गया. पूरे दिन इंटरनेट के बिना लोग बेचैन रहे.

 

जब दाल के बीच में आया कंकड़…

जानकार लोगों के मुताबिक बाबू बरही की घटना को लेकर भ्रांतियों को फैलने से रोकने के लिए प्रशासन ने पूरे जिले में इंटरनेट बंद करने का फैसला लिया था. हालांकि प्रशासनिक स्तर पर कोई भी अधिकारी इसकी पुष्टि करने से बचता दिखा. लेकिन बीएसएनएल का ब्रॉडबैण्ड चल रहा था, ब्रॉडबैंड की रफ्तार ने भी लोगों को 90 का दशक याद दिलाया. जब घरों में 256 केबीपीएस की स्पीड भी सुपर फास्ट समझी जाती थी. 4जी के जमाने में ब्रॉडबैण्ड चलाना लोगों को ऐसा लगा जैसे स्वादिष्ट दाल के बीच में कंकड़ आ गया हो.

परेशान रहे विद्यार्थी..

इधर इंटर पास अभ्यर्थियों के लिए ग्रेजुएशन कोर्स में नामांकन हेतु ऑनलाईन आवेदन का शुक्रवार को अंतिम दिन था. छात्रों और उनके अभिभावकों की इस दौरान होने वाली परेशानियों का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है. लोग दिन भर यहां से वहां दौड़ते दिखे. फेसबुक—व्हाटस—अप चलाने वाले लोग उनकी सूरत देख—देखकर बेचैन होते रहे. जबकि लोग भी फ्री मिलने वाले डाटा से परिजनों और दोस्तों से इंटरनेट कॉलिंग और वीडियो कॉलिंग करने के लिए लोग परेशान रहे. चैट के आॅप्शन पर लोग दिन भर मैसेज करके जमा करते रहे कि जब इंटरनेट आएगा, तब चला जाएगा. लेकिन अफसोस इंटरनेट नहीं आया.

रेल टिकट से लेकर बैंक तक प्रभावित

नेट बंद होने से तमाम कठिनाइयां लोगों के सामने खड़ी हो चुकी हैं. रेलवे के टिकट से लेकर बैंक तक का कामकाज ठप रहा. डिजिटल इंडिया की बड़ी—बड़ी बातें करने वाले लोगों को लोग कोसते दिखे कि जब तैयारी ही नहीं है तो काहे का डिजिटल इण्डिया रे भाई.