बड़ी खबर: आरजेडी के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन का कोरोना जांच रिपोर्ट नेगेटिव, अब परिजनों में भूचाल, कोर्ट जाने की तैयारी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: तिहाड़ जेल में सजा काट रहे सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की मौत मामले ने तूल पकड़ लिया है. उनकी कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद समर्थक और परिजनों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है. अब परिजनों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है कि जब शहाबुद्दीन को कोरोना था ही नहीं तो उनके शव को पैतृक सीवान के प्रतापपुर ले जाने देने की अनुमति दी जाए. अब तक कोरोना प्रोटोकॉल की बंदिश में शहाबुद्दीन के शव को दिल्ली से बाहर नहीं जाने दिया गया था.

कुछ दिन पहले कोरोना की आशंका में सीवान के पूर्व सांसद शहाबुद्दीन को दिल्ली के दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती किया गया था. जहां एक मई को उनकी मौत हो गई थी. उनकी मौत कोरोना से बताया गया था. अस्पताल प्रबंधन और जेल प्रबंधन ने उनकी मौत को कोरोना से बताया था. लेकिन जब आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आई तो उसमें शहाबुद्दीन को नेगेटिव बताया गया. इसके बाद परिजन और उनके समर्थकों में भूचाल आ गया.

उन्होंने कोरोना से मौत मामले को सरकार की साजिश बताया. उन्होंने शहाबुद्दीन के शव को दफनाने से रोक दिया था. इस संबंध में परिजनों ने अब कोर्ट जाने का भी फैसला सुना दिया है. शहाबुद्दीन के पुत्र ओसामा ने बताया कि चार दिन पहले उनके पिता की आरटीपीसीआर टेस्ट किया गया था. इसका रिपोर्ट रविवार को नेगेटिव आया. ऐसे में यह बात साफ हो चुका है कि उनके पिता को कोरोना नहीं था. शहाबुद्दीन के परिजनों को उनके नेगेटिव होने की सूचना तब आई जब शव को दफन करने के लिए अस्पताल से निकल चुके थे. रास्ते में शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा के मोबाइल पर खबर आई कि उसके पिता नेगेटिव थे. उसके बार शव को दफनाने से रोक दिया गया. इसके बाद शव को अस्पताल के चीर घर में रखा गया. अब परिजनों ने शहाबुद्दीन के शव को उनके सीवान पैतृक गांव ले जाने की मांग शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि सोमवार को वह हाईकोर्ट जाएंगे. अधिवक्ता सलमान खुर्शीद शहाबुद्दीन के परिजनों का पक्ष रखेंगे.