BJP नेता मिले बिहार DGP से, हिंदुओं पर एकतरफा कार्रवाई रोकने की मांग

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : बिहार सरकार में सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हें. भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज शुक्रवार 6 अप्रैल को बिहार के DGP के एस द्विवेदी से मुलाक़ात कर दो पेज का ज्ञापन दिया है. इस मुलाक़ात में कई जिलों में की गई पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़े किये गए हें. खासकर रामनवमी के आसपास कई जिलों में हुई हिंसा में पुलिस पर बहुसंख्यक हिंदू समाज पर एकतरफा कार्रवाई के आरोप लगाए गए हें. भाजपा के इस कदम से बिहार में NDA गठबंधन की गांठों में आई दरार अब साफ़ दिखने लगी है.

मिली जानकारी के अनुसार इस ज्ञापन में राज्य के कई जिलों में हुई साम्प्रदायिक सद्भाव को खंडित करने की घटनाओं की निष्पदा जांच की मांग करते हुए निर्दोष नोगों को तुरंत रिहा करने की मांग की है. साफ कहा गया है कि रामनवमी के बाद प्रशासन द्वारा बहुसंख्यक समाज के लोगों की बड़ी संख्या में गिरफ्तारी की गई जबकि अल्पसंख्यक समाज के लोगों के प्रति रुख नरम रहा है. हर जगह अल्पसंख्यक समाज के लोगों द्वारा पहले उकसाने वाली कार्रवाई हुई जिसके बाद बहुसंख्यक समाज के लोग आक्रामक हुए. आगे वीडियो में पूरी स्टोरी जानिये सीनियर जर्नलिस्ट ज्ञानेश्वर से…

तीन जिलों की घटनाओं का जिक्र

ज्ञापन में औरंगाबाद, नालंदा और समस्तीपुर के रोसड़ा की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया है कि यहां पहले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों द्वारा जुलूस पर पत्थर फेंके गए. कहीं-कहीं गोली भी चलाई गई. इनसे बहुसंख्यक समाज का आक्रोश बढ़ा और फिर प्रतिक्रिया स्वरूप दुर्घटनाएं हुई है. ज्ञापन में कहा गया है कि पार्टी को मिली जानकारी के अनुसार इन घटनाओं में बहुसंख्यक समाज के 187 जबकि अल्पसंख्यक समाज के सिर्फ 23 लोग गिरफ्तार हुए.

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BJP द्वारा दिया गया ज्ञापन

भाजपा के इस प्रतिनिधिमंडल ने DGP से निर्दोष गिरफ़्तार लोगों को रिहा करने और आगे गिरफ्तारी की कार्रवाई रोकने का भी आग्रह किया. साथ ही पक्षपातपूर्ण कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की पहचान करने के लिए उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है.

इस प्रतिनिधिमंडल में विधानसभा में पार्टी के सचेतक अरुण कुमार सिन्हा, दीघा विधायक संजीव चौरसिया, पार्टी के प्रदेश उपाध्यय देव कुमार, प्रदेश मीडिया प्रभारी पंकज सिंह, क्रीड़ा मंच के सह संयोजक सोनू शर्मा के अलाव औरंगाबाद, नालंदा और समस्तीपुर से आए पार्टी के कई पदाधिकारीगण शामिल थे.

नीतीश साफ़ कर चुके हें अपना रुख

मालूम हो कि बिहार में कई जिले में भाजपा नेताओं की गिरफ़्तारी के बाद पार्टी नेताओं पर उनकी रिहाई का दबाव है. इसलिए प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से पार्टी सरकार पर दबाव बना रही है. इस मामले में CM नीतीश कुमार ने अपना रूख पहले ही साफ़ कर दिया है. उन्होंने एक कार्यक्रम में कहा था कि हमने कभी न तो भ्रष्टाचार से समझौता किया और न साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ झुकेंगे. इस वक़्त मंच पर भाजपा नेता डिप्टी सीएम सुशील मोदी भी मौजूद थे.

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