पंचायत चुनाव को लेकर बीजेपी ने लिया बड़ा फैसला, उम्मीदवारों के चयन में मुस्लिम कार्ड को तरजीह

लाइव सिटीज, पटना : बिहार पंचायत चुनाव 2021 को लेकर बीजेपी ने बड़ा निर्णय लिया है. इसी साल मार्च से मई के बीच होने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी पूरे दमखम के साथ उतरेगी. इधर, बीजेपी के अंदरखाने से मिल रही खबर के अनुसार, इस बार पार्टी का फोकस मुस्लिम कार्ड पर होगा. विधानसभा चुनाव में बीजेपी के पास कोई मुस्लिम चेहरा नहीं था और न ही पार्टी से कोई मुस्लिम विधायक है. ऐसे में बीजेपी इसकी भरपाई पंचायत चुनाव में करना चाह रही है. बीजेपी के एमएलसी के रूप में राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन को बिहार पॉलिटिक्स में लाना इसी का संकेत माना जा रहा है. पंचायत स्तर पर टीमों का गठन किया जाएगा. यही टीम उम्मीदवारों का भी चयन करेगी.

दरअसल, बिहार में पंचायतों के विभिन्न पदों का कार्यकाल जून में खत्म हो रहा है. ऐसे में अप्रैल-मई में पंचायत चुनाव के होने की उम्मीद है. इसे लेकर को लेकर बीजेपी ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है. राजगीर में नौ और दस जनवरी को आयोजित प्रशिक्षण शिविर में भी पंचायत चुनाव को लेकर पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को टिप्स दिए गए. यह भी कहा गया कि यदि पंचायत चुनाव में बीजेपी के कोई पदाधिकारी या नेता चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी की ओर से उन्हें मदद की जाएगी.



सूत्रों की मानें तो बीजेपी पूरे दमखम के साथ इस बार पंचायत चुनाव लड़ने का मन बना ली है. हर पंचायत में वार्ड से लेकर जिला पार्षद तक की सीटों पर बीजेपी की नजर है और इस चुनाव को वह काफी गंभीरता से ले रही है. चूंकि विधानसभा चुनाव में बीजेपी में मुस्लिम कार्ड जीरो बटा सन्नाटा रहा था. ऐसे में यह भरपाई पार्टी अब पंचायत चुनाव से करना चाहती है. वह इस चुनाव में दमदार अल्पसंख्यकों को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है.

बीजेपी पंचायत चुनाव में मुस्लिम कार्ड खेलते हुए वार्ड, पंच, मुखिया, सरपंच, बीडीसी व जिला पर्षद सदस्य के लिए अल्पसंख्यक समुदाय से कैंडिडेट बनाने में प्रायोरिटी देगी. इसके साथ ही अतिपिछड़ा-अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों को भी चिह्नित किया जा रहा है. इसकी जिम्मेवारी पार्टी के जिलाध्यक्षों को दी गयी है. उन्हें पंचायत के सक्रिय कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम बनाने के लिए भी कहा गया है. यह टीम पांच सदस्यीय होगी.