Chaithi Chhath Puja 2021: कल से शुरू होगा चैती छठ पर्व, जानिए व्रत के नियम और महत्‍व

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क: छठ पूजा का पर्व मुख्यता बिहार में बड़े ही धूम- धाम से मनाया जाता है. आस्था का महापर्व छठ वर्ष में दो बार मनाया जाता है. एक कार्तिक माह में और एक चैत्र माह में। इस बार चैती छठ 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है. छठ पूजा का पावन पर्व पूरे चार दिनों तक मनाया जाता है। महिलाएं छठ के दौरान लगभग 36 घंटे का व्रत रखती हैं. मान्यता है कि छठ पर्व में सूयोर्पासना करने से छठ माता प्रसन्न होती है और परिवार में सुख, शांति, धन, धान्य से परिपूर्ण करती है.

नहाय खाय एवं खरना के प्रसाद से दूर होते कष्ट

आचार्य श्रीपाती त्रिपाठी के अनुसार, छठ महापर्व के प्रथम दिन नहाय खाय में लौकी की सब्जी,अरवा चावल, चने की दाल और आंवला की चाशनी के सेवन का खास महत्व है. वैदिक मान्यता है कि इससे पुत्र की प्राप्ति होती है. वही, वैज्ञानिक मान्यता है कि गर्भाशय मजबूत होता है. खरना के प्रसाद में ईख के कच्चे रस, गुड़ के सेवन से त्वचा रोग और आंख की पीड़ा समाप्त हो जाती है. वहीं इसके प्रसाद से तेजस्विता, निरोगिता व बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है.

स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी है छठ

पटना के प्रमुख ज्योतिष विद्वान डॉ. श्रीपाती त्रिपाठी बताती हैं कि इस मौसम में शरीर में फॉस्फोरस की कमी होने के कारण शरीर में रोग ( कफ सर्दी जुकाम ) के लक्षण परिलक्षित होने लगते हैं. प्रकृति में फॉस्फोरस सबसे ज्यादा गुड़ में पाया जाता है जिस दिन से छठ शुरू होता है उसी दिन से गुड़ वाले पदार्थ का सेवन शुरू हो जाता है. खरना में चीनी की जगह गुड़ का ही प्रयोग किया जाता है. इसके साथ ही ईख गागर एवं अन्य मौसमी फल प्रसाद के रूप प्रयोग किया जाता है.

छठ पर्व-

16 अप्रैल 2021 से 19 अप्रैल 2021 तक चैती छठ पर्व मनाया जाएगा.

नहाय- खाय

16 अप्रैल 2021 को नहाय- खाय किया जाएगा। नहाय खाय के दिन पूरे घर की साफ- सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। इस दिन चने की सब्जी, चावल, साग खाया जाता है। अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत होती है.

खरना

खरना 17 अप्रैल 2021, शनिवार से किया जाएगा. इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे  पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं और फिर सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद ग्रहण किया जाता है. इसके बाद व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है.

चैती छठ पर्व का समापन

सप्तमी तिथि को चैती छठ का समापन किया जाता है. इस साल 19 अप्रैल, सोमवार को इस महापर्व का समापन किया जाएगा. इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब के पानी में उतर जाती हैं और सूर्यदेव से प्रार्थना करती हैं. इसके बाद उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन कर व्रत का पारणा किया जाता है. 

गंगा घाटों पर छठ करने की अनुमति नहीं

हालांकि इस बार कोरोना की बढ़ती रफ्तार के कारण गंगा घाटों पर जाकर अर्ध्य देने पर पाबंदी है. जबकि पटना जिलाधिकारी ने इस बाबत निर्देश भी जारी किए हैं.बिहार में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस वर्ष भी सरकार और पटना के जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर ने पटना के गंगा घाटों तलाबों में छठ अर्ध्य नहीं देने की अपील छठव्रतियों से की है. इसके लिये पटना और आसपास के सभी गंगा घाटों तलाबों पर पुलिसबलों की तैनाती भी कर दी है.