नीतीश : यूनिवर्सिटी पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में नहीं, कैलेंडर बनाएं और टाइम से एग्जाम लें

CM-NITISH
फाइल फोटो

पटना : सोमवार को मुख्यमंत्री के आवास पर लोक संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया. आज आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, श्रम संसाधन, ग्रामीण विकास (जीविका), कृषि, पशु एवं मत्स्य संसाधन, कला, संस्कृति, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, योजना एवं विकास तथा पर्यावरण एवं वन विभाग से संबंधित मामलों पर 4 लोगों द्वारा मुख्यमंत्री को अपना सुझाव दिया गया.

आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में भागलपुर के अशोक कुमार जैन, पूर्णिया के गुरू कुमार झा, लखीसराय के ओंकार प्रसाद महतो, कैमूर के शेखर प्रताप सिंह ने अपने-अपने सुझाव एवं राय मुख्यमंत्री को दिये. प्राप्त सुझाव एवं राय पर संबंधित विभाग के प्रधान सचिव/सचिव ने वस्तु स्थिति को स्पष्ट किया. लोगों से प्राप्त सुझाव एवं राय पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव को कार्रवाई करने हेतु निर्देषित किया.

CM-LOK-SAMVAD
लोक संवाद में सुझाव लेते CM और डिप्टी CM

कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पटना विश्वविद्यालय को केन्द्रीय विश्वविद्यालय की मांग के संदर्भ में पूछे गए प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आप लोग आलेख पढ़िए. पूर्व के वर्षो में भी संसद में यह मांग हम उठाते रहे हैं. यह कोई नई मांग नहीं है. हमलोग के कार्यकाल में राज्य सरकार ने इस संदर्भ में केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था. पटना विश्वविद्यालय का जो जनमानस में विशेष स्थान है उस नजरिए से इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलना चाहिए. 1917 में भी केंद्र के कानून से ही पटना विश्वविद्यालय का गठन हुआ था. इसका निर्णय केंद्र को करना है. ‘सेंटर ऑफ एक्सेलेंस’ के लिए विश्वविद्यालय का चयन होना है, जैसा कि प्रधानमंत्री ने कहा है.

राज्यों के विश्वविद्यालयों की खराब स्थिति के संबंध में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालयों के संचालन और नियंत्रण की जिम्मेवारी कुलाधिपति/राज्यपाल के पास होती है. हमलोगों को धन उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी होती है इसके लिए हमलोग प्रत्येक वर्ष 4 हजार करोड़ रुपये अनुदान के रूप में विश्वविद्यालयों को उपलब्ध कराते हैं. विश्वविद्यालय राज्य के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं होता है. विश्वविद्यालय एकेडमिक कैलेंडर बनाये, समय पर परीक्षा होनी चाहिए. जहां तक शिक्षकों की कमी का प्रश्न है तो इसके लिए लोक सेवा आयोग को इसकी जिम्मेवारी दी गई है.

उन्होंने कहा कि ‘यूनिवर्सिटी सर्विस कमीशन’ का गठन करने के लिए कानून बनाया गया, जिसके माध्यम से सारी चीजों का समाधान होगा. मेडिकल और इंजीनियरिंग के शिक्षकों की भी कमी है. इसके समाधान के लिए विचार करने की जरुरत है. यह समस्या सिर्फ बिहार की नहीं बल्कि पूरे देश की है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूली शिक्षा में सुधार के लिए हमलोगों ने काफी काम किया है. वर्ष 2005 में 12.50 प्रतिशत बच्चे स्कूल से बाहर रहते थे, आज यह आंकड़ा एक प्रतिशत से भी कम हो गया है. पहले लड़कियों की संख्या स्कूलों में काफी कम थी. बालिका पोशाक योजना, साईकिल योजना चलायी गयी, जिसके कारण स्कूलों में छात्राओं की संख्या छात्रों के बराबर हो गई.

पत्रकारों द्वारा गंगा नदी में बन रहे राष्ट्रीय जल मार्ग के संदर्भ मे पूछे गये सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपयोगी व्यवस्था है इससे असहमत होने की बात नहीं है, लेकिन इसके लिए जल प्रवाह में तीव्रता होनी चाहिए. गंगा नदी में सिल्ट की समस्या एक बड़ी समस्या है, जिसे कृत्रिम तरीके से ठीक नहीं किया जा सकता है. इसके लिए पानी के ऊपरी फ्लो को ठीक करना होगा और प्रवाह में तीव्रता लानी होगी. गंगा की निर्मलता और अविरलता का अन्योनाश्रय संबंध है. पिछले वर्ष गंगा की बाढ़ के तुरंत बाद सिल्ट की समस्या का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया गया था.

उन्होंने कहा कि एक महीना पहले केन्द्र सरकार द्वारा एक्सपर्ट कमिटी बनायी गई है, जो विभिन्न तरह के सुझाव देगी. व्यक्तिगत तौर पर गडकरी जी से मिलकर अपनी बातों को रखूंगा. टिंटेड पानी के उपयोग के लिए नगर विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, कृषि विभाग लगातार काम कर रहे है. सिंचाई के लिए इसका उपयोग किया जाएगा. मैं राष्ट्रीय जल मार्ग के खिलाफ नहीं हूं. परन्तु आज की स्थिति में गंगा नदी में यह उपयोगी नहीं होगा. गंगा नदी का प्रवाह कमजोर पड़ गया है.

आगरा के ताजमहल से जुड़े प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सबलोग जानते हैं कि ताजमहल ऐतिहासिक जगह है, जिसकी देश-विदेश में ख्याति है. राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने को लेकर उन्होंने कहा कि ये अच्छी बात है, मेरी उन्हें शुभकामना है. बहुत दिनों से यह बात सुन रहे हैं. वैसे भी कांग्रेस पार्टी में सबकुछ फिक्सड होता है. यह कांग्रेस पार्टी का अन्दरूनी मामला है.

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के जीएसटी के अन्तर्गत रियल स्टेट को लाये जाने के संदर्भ में पूछे गये प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले से ही बिहार ने इसका समर्थन किया था और अब भी इसका समर्थन करेंगे. जीएसटी में नई-नई चीजें आती जाएंगी, उसमें बदलाव होता जाएगा.

लोक संवाद में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, योजना एवं विकास मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, समाज कल्याण मंत्री कुमारी मंजू वर्मा, श्रम संसाधन मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री मदन सहनी, कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री कृष्ण कुमार ऋषि, अनुसूचित जाति/जन जाति कल्याण मंत्री रमेश ऋषिदेव, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा कल्याण मंत्री ब्रज किशोर बिन्द, पशु एवं मत्सय संसाधन मंत्री पशुपति पारस मौजूद थे. इनके साथ मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक पीके ठाकुर, प्रधान सचिव, मंत्रिमण्डल समन्वय ब्रजेष मेहरोत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीष चन्द्रा और मनीष कुमार वर्मा सहित संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव उपस्थित थे.