जुलाई से दर्ज होगी ऑनलाइन FIR, थानों में हो गई है तैयारी

पटना : बिहार के थानों में भी अब ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराई जा सकेगी. यह व्यवस्था आगामी जुलाई महीने से लागू हो जायेगी. बिहार के सभी थानों को ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम’ (CCTNS) से जोड़ा जाएगा. इसके लिए राज्य के सभी थानों में कंप्यूटर लगा दिए गए हैं और डॉटा ऑपरेटर भी तैनात कर दिए गए हैं.

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में सूबे के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बिहार के थानों में भी इस व्यवस्था को अपनाया जाएगा जिसके लिए तैयारी की जा चुकी है. आगामी जुलाई महीने से क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के तहत राज्य के सभी थानों में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करवाने की प्रक्रिया शुरु हो जायेगी.

प्रतीकात्मक फोटो

बता दें कि ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम’ यानी CCTNS केंद्र सरकार की योजना है जिसके अंतर्गत देशभर के अपराधों एवं अपराधियों का एक सेंट्रल डेटाबेस बनाया जाएगा. खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सभी राज्यों में अपराध के रिकॉर्ड को ऑनलाइन लाने के लिए प्रयासरत हैं. इसके लिए उन्होंने बुधवार को बिहार सहित कई राज्यों के आला अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से इस दिशा में प्रगति की जानकारी ली. साथ ही जिन राज्यों में यह व्यवस्था पहले से लागू है वहां वर्तमान स्थिति की समीक्षा भी की.

प्रधानमंत्री ने सभी राज्यों से आग्रह किया है कि वो इस नेटवर्क को अपनाने को हाई प्रायोरिटी दें ताकि इससे ज्यादा से ज्यादा लाभ हासिल किया जा सके. उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क से विभिन्न राज्यों के बीच अपराधियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी में सुविधा होगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने में आसानी होगी.

गौरतलब है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी राज्यों को थानों में दर्ज FIR (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर) को 24 घंटे के अंदर वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया था. झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में ऑनलाइन एफआईआर दर्ज कराने  की व्यवस्था काफी दिनों से लागू है.

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