लालू प्रसाद के शंकराचार्य वाले बयान पर सनातन समाज में गुस्सा

लाइव सिटीज डेस्क/पटनाः आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद के शंकराचार्य वाले बयान को लेकर सनातन समाज में गुस्सा है. लालू प्रसाद के बयान पर नाराजगी जताते हुए स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी ने कहा है कि उनको ऐसा बयान नहीं देना चाहिए.

स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी ने आगे कहा कि जब शंकराचार्य या कोई संत राजनेताओं को निर्देशित करते हैं तो लालू प्रसाद जैसे नेता उसे दरकिनार कर देते हैं. उन्होंने किस अधिकार से शास्त्र नियंत्रित शंकराचार्य व्यवस्था पर टिप्पणी की है. सनातन धर्म विश्व का सबसे पुराना धर्म है जिसमे सभी जाति के लोगों का समावेश है.

उन्होंने आगे कहा कि शंकराचार्य पद पर कौन आसीन होगा इसका फैसला शास्त्र के अनुसार होता है. शंकराचार्य पद राष्ट्रीय जनता दल या फिर किसी भी राजनीतिक पार्टी के कार्याधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है.

स्वामी अभिषेक ब्रम्हचारी ने लालू प्रसाद को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब आवश्यकता पड़ती है तो शंकराचार्य को अपने गांव लेकर जाते हैं और जब काम निकल जाता है तो शंकराचार्य पर भी टिप्पणी करने में परहेज नहीं करते. लालू प्रसाद को अपने दिए हुए बयान पर माफी मांगनी चाहिए अन्यथा सनातन समाज उन्हें माफ नहीं करेगा. स्वामी अभिषेक यही नहीं रुके उन्होंने कहा कि धर्म और महात्माओं के खिलाफ अनर्गल बयान देने वाले लोगों का पतन जल्द ही होता है, ऐसा शास्त्रों में लिखा है.

बता दें कि राजद के प्रशिक्षण शिविर में लालू यादव ने कहा था कि देश के चारों पीठ में शंकराचार्य की नियुक्ति में भी आरक्षण लागू किया जाये. उन्होंने सवाल किया कि इन जगहों पर युगों-युगों से सिर्फ़ एक वर्ण और एक ही जाति का आरक्षण क्यों है?  ॉ

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