अटल पेंशन योजना के लाभ से रह सकते हैं वंचित, जल्द करें यह उपाय

लाइव सिटीज डेस्क : भाजपा सरकार की महत्वपूर्ण स्कीम में से एक अटल पेंशन योजना को लेकर एक सूचना जारी की गई है. अटल पेंशन योजना से जुड़े नियम में कुछ बदलाव किये गए हैं.  इस योजना में किश्त दे रहे लोगों को अब आधार अनिवार्य कर दिया गया है.

दरअसल, अटल पेंशन योजना (एपीवाई) को अब आधार अधिनियम की धारा 7 में शामिल कर लिया गया है. अधिनियम के प्रावधानों के मुताबिक, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो एपीवाई के तहत लाभ पाने का हकदार है, उसे आधार नम्बर रखने अथवा आधार पहचान के तहत नामांकन कराने का प्रमाण पेश करना होगा. इस अधिसूचना की एक प्रति संलग्न की गयी है.

तदनुसार, एपीवाई के किसी भी सदस्य को अपने उस एपीवाई पेंशन खाते के साथ-साथ अपने बचत खाते में भी आधार नंबर को दर्ज कराना होगा जिससे पेंशन अंशदान की आवधिक रकम निकाली जाती है और सरकार का सह-योगदान डाला जाता है. यदि इस योजना के किसी सदस्य के पास आधार कार्ड नहीं है तो उसे आधार कार्ड के लिए तत्काल नामांकन कराना चाहिए, जिसके लिए उसे निकटतम आधार नामांकन केंद्र जाना चाहिए. ऐसे केंद्रों की सूची यूआईडीएआई की वेबसाइट www.uidai.gov.in पर उपलब्ध है.

APY में फिलहाल 54 लाख से ज्यादा सदस्य हैं और इसका परिसंपत्ति आधार 2,200 करोड़ रुपये से अधिक है. 

अटल पेंशन योजना के लाभ

“ए पी वाय ” बूढ़े होते भारतीयों के लिए सुरक्षा लाई है, जबकि इसके साथ ही समाज के निम्न और निम्न मध्य वर्ग के तबकों में बचत और निवेश की संस्कृति को प्रोत्साहित भी करती है. इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसका फायदा समाज के गरीब से गरीब तबके का व्यक्ति भी ले सकता है. भारत सरकार ने पांच साल तक हर साल हर अंशदाता के अंशदान का 50 प्रतिशत या 1,000 रुपए (जो भी कम हो) का योगदान देने का फैसला किया है. यह अंशदान सिर्फ उन्हें ही मिलेगा, जो आयकर नहीं चुकाते और जो इस योजना में 31 दिसंबर 2015 से पहले शामिल हो जाएंगे.

कौन पात्र है?

अटल पेंशन योजना (एपीवाय) 18 से 40 वर्ष आयु समूह के सभी भारतीयों के लिए है। हर व्यक्ति को कम से कम 20 साल तक अंशदान देना होगा, तभी उसे इस योजना का लाभ मिल सकेगा। कोई भी बैंक खाताधारी, जो किसी भी वैधानिक सामाजिक सुरक्षा योजना का सदस्य न हो, इस योजना का लाभ उठा सकता है।

सरकार के ‘स्वावलंबन योजना एनपीएस लाइट’ के सभी सदस्य खुद-ब-खुद अटल पेंशन योजना में शिफ्ट हो जाएंगे. यह योजना स्वावलंबन योजना की जगह ले लेगी, जिसे देशभर में ज्यादा लोकप्रियता नहीं मिल सकी.

यह भी पढ़ें-  अब NPS खातों को आधार से जोड़ना अनिवार्य, ऐसे करें चुटकी में लिंक