‘भूमिहार’ नेता ही बनेंगे बिहार कांग्रेस के नए अध्यक्ष !

पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी को नया अध्यक्ष मिलना तय हो चुका है . वर्तमान अध्यक्ष डा. अशोक चौधरी बिहार सरकार में मंत्री रहेंगे . चार वर्षों से अधिक के अपने कार्यकाल में डा. चौधरी ने बिहार में कांग्रेस को हाशिये से बाहर निकाल सत्ता में हिस्सेदार बनाने की उपलब्धि हासिल की है .

बिहार कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष देने को पार्टी आलाकमान मन बना चुका है . घोषणा कभी भी हो सकती है . बिहार के समीकरणों का ख्याल रख काफी पहले ही किसी ब्राह्मण-भूमिहार को नया अध्यक्ष बनाने पर सहमति बन गई थी . ब्राह्मणों में पार्टी के वाइस प्रेसीडेंट ब्रजेश पांडेय का नाम आगे बढ़ा,लेकिन पूर्व मंत्री की बेटी के साथ सेक्स प्रकरण में फंस जाने के कारण वे दौड़ से बाहर हो गए . सूबे के राजस्व व भूमि सुधार मंत्री डा. मदन मोहन झा  प्रदेश अध्यक्ष बनने को बहुत इच्छुक नहीं दिखे . डा. झा की  पहुँच सीधे सोनिया गांधी तक बताई जाती है .

ब्राह्मणों में बहुत ठोस नहीं मिलने पर भूमिहार लीडर को ही नेतृत्व देने के प्लान को आगे बढ़ा लिया गया है . इनमें भारत सरकार के पूर्व मंत्री डा. अखिलेश प्रसाद सिंह का नाम ही टॉप पर है . वे दिल्ली दरबार में तो मजबूत हैं ही,साथ में बिहार के भूमिहार समाज के बड़े चेहरे हैं . राजनीति के लिए जरूरी साम-दाम-दंड-भेद के ठोस रणनीतिकार भी . सोनिया गांधी के बहुत करीब पहुँच चुके हैं . बहुतों का मानना है कि नाम तो अखिलेश प्रसाद सिंह का ही फाइनल हुआ है,बस एलान शेष है .

लेकिन राहुल गांधी के अधिक करीब माने जाने वाले मौजूदा अध्यक्ष अशोक चौधरी किसी कीमत पर अखिलेश प्रसाद सिंह को रोकना चाहते हैं . दोनों के संबंध ठीक नहीं हैं और इसकी कई वजहें बताई जाती हैं . भूमिहार समाज से ही अध्यक्ष बने,अशोक चौधरी को कोई आपत्ति नहीं है .

अखिलेश प्रसाद सिंह के मुकाबले बेगूसराय की कांग्रेस विधायक अमिता भूषण की दावेदारी को पार्टी के वर्तमान प्रदेश नेतृत्व ने आगे किया . अमिता भूषण ने बिहार प्रदेश महिला कांग्रेस को नई दिशा देकर नेतृत्व-शक्ति का प्रदर्शन किया है . फिर,उनका परिवार भी बहुत पुराना कांग्रेसी है . दिल्ली में अमिता भूषण के लिए जबर्दस्त लॉबिंग चल रही है .
अध्यक्ष भूमिहार हो,लेकिन अखिलेश प्रसाद सिंह नहीं,इस मुहिम ने अंतिम समय में अनिल शर्मा का नाम भी आगे ला दिया है . अनिल शर्मा पूर्व में भी बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं . तब , उनका शुरुआती डेरा-डंडा अशोक चौधरी का ही निजी आवास था . माना जाता है कि अनिल शर्मा ने बिहार कांग्रेस में जान फूंकने का काम किया था .

लेकिन बाद के दिनों में अनिल शर्मा और अशोक चौधरी का रिश्ता न दोस्ती-न बैर की शक्ल में बदला था . अध्यक्ष पद से हटने के बाद अनिल शर्मा ने बिहार छोड़ दिया था और दिल्ली में ही रहने लगे थे . अपने जमाने में अनिल शर्मा फायरब्रांड अध्यक्ष थे और लालू प्रसाद व राजद पर बहुत तीखे हमले किये थे . उन्हें लालू प्रसाद बहुत पसंद नहीं करते हैं . अब जबकि बिहार के महागठबंधन में लालू प्रसाद का बड़ा रोल है,वैसे में उनकी नापसंद को बिलकुल ख़ारिज तो नहीं किया जा सकता . अंत में ,यह भी जान लें कि अखिलेश प्रसाद सिंह को लेकर भी लालू प्रसाद का अपना मत रहा है,क्योंकि अखिलेश पहले राजद में ही थे .

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