बड़ा दावा : बिहार के निकाय चुनाव में भाजपा का लहरा गया परचम

पटना : भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय ने मंगलवार को बहुत बड़े दावे का बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि आज बुधवार को आये निकाय चुनाव के परिणाम से राज्य में परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गयी है. इसके पीछे उन्होंने वजह बताई है कि निकाय चुनाव में जीते अधिकतर प्रत्याशी भाजपा के कार्यकर्ता हैं. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने आज निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हुए पटना में ये बातें कहीं.


हालांकि नित्यानंद राय यह नहीं बता सके हैं कि कुल जीत कितनी है . यह गणना इसलिए भी किसी पार्टी के लिए संभव नहीं है,क्योंकि बिहार में निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं होते हैं . चुनाव प्रचार में भी किसी पार्टी या इनके नेता ने सीधे तौर पर भाग नहीं लिया था . कई निकायों की हालत तो यह थी कि एक ही पार्टी के कई नेता/कार्यकर्ता आपस में लड़ रहे थे . इस हालत में पार्टी/विधायक/सांसद ने किसी का समर्थन भी किया तो चुपके-चुपके ही किया .

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लेकिन आज बिहार के 35 जिलों के निकाय चुनाव के नतीजों की घोषणा के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने जैसा बयान दिया है,उसका राजनीतिक अर्थ भी है . बहुमत में जीत का दावा कर वे भाजपा के कार्यकर्ताओं में जोश भरने की कोशिश कर रहे हैं . बिहार विधान सभा चुनाव में भाजपा को मिली करारी हार के बाद ऐसा कोई मौका आया भी नहीं है,जिसमें राजनीतिक पार्टियों की मौजूदा शक्ति बिहार में जांच ली गई हो .

वैसे यह माना जाता रहा है कि शहरी क्षेत्रों में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर होता है . नित्यानंद के दावे को जदयू,राजद और कांग्रेस सिरे से खारिज कर रही है . तीनों पार्टियों के नेताओं ने कहा कि यह सिर्फ नित्यानंद राय का बड़बोलापन है . बिहार में ये महागठबंधन को आज भी सबसे बड़ी ताकत मानते हैं .


दूसरी ओर यह भी सत्य है कि नित्यानंद राय को यह पता है कि भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने 2019 के लोक सभा चुनाव की तैयारी अभी से शुरु कर दी है . बिहार को भाजपा सबसे टफ स्टेट मानती रही है . बिहार भाजपा को नई जान देने के लिए शीघ्र ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दौरा करने वाले हैं .

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